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तस्वीरें: दर्दनाक मंजर देख कांप उठी रूह, नौ वर्ष के बच्चे का अपहरण कर 50 हजार के लिए हत्या

Tue, 02 Feb 2021 01:10 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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शव मिलने पर पहुंची पुलिस फोर्स। - फोटो : self
यूपी के वाराणसी जनपद स्थित पंचक्रोशी पैगंबरपुर के एक बच्चे का अपहरण कर उसके घर के सामने कागज फेंककर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई। इसके बाद बच्चे का गला दबाकर उसकी हत्या करने के बाद शव उसके घर के समीप फूलों के खेत में फेंक दिया गया। लुकाछिपी खेल रहे बच्चों ने बच्चे का शव देखा तो शोर मचाया। मौके पर पहुंची पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों और अन्य लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। घटनास्थल पर लोगों की चीख और दर्दनाक मंजर देख हर किसी की रूह कांप उठी। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि बच्चे के पिता से पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस बच्चे के पिता से पूर्व में विवाद करने वाले क्षेत्र के ही एक युवक सहित दो को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। अगली स्लाइड में पढ़ें...
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शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
सारनाथ थाना अंतर्गत पंचक्रोशी पैगंबरपुर निवासी मंजय कुमार वैवाहिक कार्यक्रमों में स्टेज की सजावट का काम करता है। मंजय का इकलौता बेटा और कक्षा चार में पढ़ने वाला विशाल (9) बीती 29 जनवरी को क्षेत्र में ही हाथी देखने निकला था। इसके बाद उसका पता नहीं लगा। खोजबीन के बाद मंजय ने सारनाथ थाने में सूचना दी तो गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। 30 जनवरी को मंजय के घर के सामने एक कागज फेंका पड़ा मिला। कागज में लिखा था कि 50 हजार रुपये चौबेपुर लेकर आओ, वरना विशाल को मार दिया जाएगा।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
मंजय परिजनों के साथ चौबेपुर गया लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी उसके पास कोई नहीं आया। सोमवार की दोपहर मंजय के घर से लगभग 500 मीटर दूर बच्चे फूलों के खेत में खेल रहे थे। उसी दौरान एक बच्चे ने विशाल का शव देखा तो शोर मचाते हुए घर जाकर अपनी मां को बताया और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वारदात से जुड़े सभी बिंदुओं को खंगाला जा रहा है। खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं।

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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विशाल का शव मिला तो उसके परिजनों ने सारनाथ थाने की पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई। सभी का कहना था कि यदि पुलिस तत्परता दिखाती तो शायद बच्चा बच जाता। वहीं, एसएसपी ने सारनाथ थाना प्रभारी और पुरानापुल चौकी प्रभारी को जमकर फटकारा और पूछा कि ऐसी लापरवाही क्यों की...? एसएसपी ने दोनों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। विशाल के पिता मंजय और परिजनों का कहना था कि 29 जनवरी को जब बच्चा गायब हुआ तो पुलिस ने सूचना को बहुत हल्के में लिया।
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घर के सामने मिला फिरौती लिखा कागज। - फोटो : सोशल मीडिया।
30 जनवरी को जब 50 हजार रुपये वाला कागज घर के सामने मिला तो पुलिस को फिर सूचना दी गई। तब जाकर पुलिस ने सीसी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। इसके बावजूद क्राइम ब्रांच जैसी एजेंसी की मदद लेकर बच्चे को खोजने का प्रयास गंभीरता के साथ नहीं किया गया। पुलिस की लापरवाही और लचर कार्यशैली बच्चे की जिंदगी और भारी पड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस प्रकरण में शुरू से ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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विशाल - फोटो : फाइल
विशाल की मां सुनीता दूसरों के घर चौका-बर्तन का काम करती है। बेटे की हत्या की खबर पाकर वह अचेत हो गई। होश में आने पर बार-बार बेटे का चेहरा देखने की जिद कर रही थी। उसका कहना था कि पुलिस वाले हमरे करेजा के मुंह भी ना देखे देहलन अऊर लेके चल गईलन हमरे लाल के...। वहीं विशाल की दोनों बहनें कविता और करीना का भी रो-रोकर बुरा हाल था। कविता बार-बार कह रही थी कि हमरे भईया के जिभिया काहे बाहर निकलल हौ हो चाची... ई सब कईसे हो गईल हो चाची...। उधर, परिजनों ने बताया कि घर में सबसे छोटा होने के कारण विशाल सबका दुलारा था। 
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