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कोर्ट का आदेश, बेटी से दुष्कर्म के आरोप में निरुद्ध बंदी मानसिक रोगी है या नहीं जांच करा कर बताएं

Wed, 05 Dec 2018 04:27 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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पुत्री से दुष्कर्म के आरोप में भदोही जेल में निरुद्ध बंदी को मानसिक रोगी बताने के मामले में वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज सर्वेश कुमार पांडेय ने गंभीर रुख अपनाया है। डीआईजी जेल को आदेश दिया है कि वह पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई करें और इससे अदालत को भी अवगत कराएं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
 
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फास्ट ट्रैक कोर्ट  ने जेल मैनुअल के अनुसार बंदी का समुचित इलाज कराने का आदेश भदोही के जेल अधीक्षक को दिया है। लंका क्षेत्र की युवती ने दुष्कर्म सहित अन्य आरोप लगाते हुए अपने पिता के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से उसका पिता जेल में निरुद्ध है। 

 
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jail
फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की चल रही सुनवाई के दौरान भदोही के जेलर ने 22 अक्तूबर 2018 को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा गया कि मिर्जापुर मंडलीय चिकित्सीय टीम ने बंदियों का मानसिक परीक्षण किया और युवती के पिता सहित सात बंदियों को मानसिक रूप से बीमार बताया। 
 

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jail shimla
साथ ही मानसिक चिकित्सालय वाराणसी में रेफर करने की सलाह दी। रिपोर्ट के आधार पर जेलर ने बंदी को मानसिक चिकित्सालय में दाखिल करने की अनुमति देने की अपील की। उधर, 29 अक्तूबर को अदालत में पेश बंदी ने बयान दिया कि वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। 
 
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डेमो - फोटो : डेमो
चिकित्सक और जेलर ने फर्जी रिपोर्ट अदालत में दी है। 20 नवंबर को बंदी ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में किडनी व प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित होने की बात बताते हुए समुचित उपचार कराने की मांग की थी।
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