मुख्तार अंसारी
एसटीएफ के अधिकारी बताते हैं कि प्रयागराज के एक कुख्यात ने भी मुख्तार से दूरी बना ली है। अधिकतर गुर्गे जेल के अंदर से भी मऊ सदर विधायक की मदद करते थे लेकिन अब उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब में भी मुख्तार अपने नेटवर्क की बदौलत हर काम आसानी से कर लेता था, लेकिन अब वहां से भी निराशा ही हाथ लग रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मानते हैं कि मेराज की हत्या के बाद से बचे-कुचे करीबी भी और दूरी बनाएंगे।