आखिर वो घड़ी आ गई जिसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। गंगा में जल परिवहन का पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजक्ट 12 नंवबर को पूरा होने वाला है। कोलकाता से कंटेनर लेकर जलपोत आरएन टैगोर रामनगर स्थित बंदरगाह(मल्टी मॉडल टर्मिनल) पर लंगर डाल चुका है। अब पीएम मोदी के आगमन का इंतजार है ताकि इसका आधिकारिक तौर पर उद्घाटन हो सके। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इस दिन वह वाराणसी से हल्दिया के बीच जलमार्ग शुरू करने के लिए बनारस में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय सड़क एवं जहाज रानी मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। बाबतपुर के वाजिदपुर गांव में जनसभा का आयोजन भी किया गया है।
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वाराणसी में मल्टी मॉडल टर्मिनल को गंगा के रास्ते कारोबार के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। 12 को प्रधानमंत्री रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल की जेट्टी पर एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में विशेष क्रेन से टैगोर से पहला कंटेनर उतार कर गंगा में जल परिवहन की शुरुआत करेंगे। पेप्सिको का 16 कंटेनर लेकर एमवी आरएन टैगोर जलपोत शुक्रवार शाम को आ चुका है। इस विशेष आयोजन के लिए जलपोत टैगोर को सुसज्जित किया जा रहा है। वाराणसी में जलपोत पर उर्वरक, बिल्डिंग मैटेरियल लोड कर उसे कोलकाता रवाना किया जाएगा।
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28 अक्टूबर को हल्दिया बंदरगाह से चला आरएन टैगोर जलपोत शुक्रवार की शाम मालवीय पुल (राजघाट पुल) के पास खिड़किया घाट पहुंचा। यहां से शनिवार की सुबह इसे रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल पर पहुंचाया गया। इस पोत पर पेप्सिको कंपनी के 16 कंटेनर लोड हुए हैं और प्रत्येक का वजन 600 टन है। टर्मिनल चालू होने से मालवाहक जहाजों की 365 दिन हर समय आवाजाही शुरू हो जाएगी।
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12 नवंबर को प्रधानमंत्री के हाथों रामनगर मल्टी मॉडल टर्मिनल के लोकार्पण के बाद वाराणसी से दक्षिण एशियाई देशों में सामान सीधे भेजा जा सकेगा। यह जलमार्ग शुरू होने के बाद कोलकाता बंदरगाह के जरिये यह उत्तर भारत को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और अन्य दक्षिण एशियाई को जोड़ेगा। जानकारों के मुताबिक सागरमाला के जरिए भारत दक्षिण एशिया के कारोबार में चीन के मुकाबले अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।
मल्टी मॉडल टर्मिनल के लोकार्पण के बाद फ्रेट विलेज की परियोजना में तेजी आएगी। आईडब्लूएआई ने चंदौली जिला प्रशासन को इस वास्ते जमीन अधिग्रहण के लिए 41 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। जमीन अधिग्रहण के बाद फ्रेट विलेज में बड़े-बड़े गोदाम (वेयर हाउस) और परिवहन-ढुलाई से जुड़े संसाधन पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। यहां बाहर से आने वाले कच्चे और पक्के मॉल के स्टोरेज के अलावा उनकी अलग-अलग पैकिंग, इंडस्ट्री, हाउसिंग, कस्टम सहित अन्य सुविधाएं होंगी।