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ढाई घंटे में दिल्ली से बनारस पहुंचेगी बुलेट ट्रेन, बदल जाएगी पूर्वांचल की सूरत

Sun, 16 Jul 2017 10:41 AM IST
amarujala.com, presented by शैलेश कुमार शुक्ल
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China bullet train - फोटो : getty
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी है। अगले कुछ सालों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए इस इलाके से हवा से बातें करतीं ट्रेनें नजर आएंगी। आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी खबर...
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d - फोटो : twitter
ये संभव होने जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुलेट ट्रेन चलाने की योजना से। जी हां पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दिल्‍ली के बीच केंद्र सरकार बुलेट ट्रेन चलाने जा रही है। इस ट्रेन से न केवल यात्रियों को सहूलियत होगी बल्कि पूरे पूर्वांचल की सूरत बदल सकती है।
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Delhi-Varanasi bullet train may take 2 hrs 40 mins to cover 782 km distance
केंद्र सरकार ने दिल्ली से कोलकाता के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के लिए फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का ठेका स्पेन की एक संस्‍था को दिया था। इस संस्‍था ने करीब 1474 किमी लंबे हाई स्पीड कारिडोर के लिए गुरुवार को अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप दी। आगे की स्लाइड में जानें इस रिपोर्ट की खास बातें...

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China bullet train - फोटो : getty
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेन 250 से 300 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी। इससे दिल्‍ली से दिल्ली से वाराणसी के बीच 720 किमी की दूरी 12 घंटे की बजाय मात्र 2 घंटे 37 मिनट में पूरी हो जाएगी। वहीं दिल्‍ली से 440 किमी दूर स्थित लखनऊ पहुंचने में इस ट्रेन को मात्र एक घंटे 38 मिनट लगेंगे।
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China bullet train - फोटो : getty
रिपोर्ट के मुताबिक यात्रियों को बुलेट ट्रेन में यात्रा करने के लिए प्रति किलोमीटर साढ़े चार रुपये देना होगा। अर्थात दिल्ली से लखनऊ तक की यात्रा करने के लिए यात्री को 1980 रुपये देना होगा। वहीं वाराणसी तक की यात्रा करने के लिए प्रत्येक यात्री को करीब 3240 रुपये का भुगतान करना होगा।
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China bullet train - फोटो : getty
इस बुलेट ट्रेन के लिए दिल्ली में अक्षरधाम के पास एक टर्मिनल बनाया जाएगा। यहां से छूटने के बाद यह ट्रेन ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, लखनऊ, सुल्तानपुर और जौनपुर रुकेगी। पहले बनाई गई योजना में जौनपुर का नाम नहीं था। लेकिन वहां के भाजपा सांसद केपी सिंह के प्रयासों के बाद इस स्टेशन को बुलेट ट्रेन योजना से जोड़ दिया गया है।
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China bullet train - फोटो : getty
केपी सिंह का मानना है कि बुलेट ट्रेन से पूर्वी यूपी के जौनपुर जैसे पिछड़े जिले का भी विकास होगा और यहां के यात्रियों को सहुलियत होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि यह परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हो जाएगी तो दिल्ली-लखनऊ खंड वर्ष 2029 और दिल्ली वाराणसी खंड वर्ष 2031 तक पूरा हो जाएगा।

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China bullet train - फोटो : getty
प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक दिल्‍ली से वाराणसी तक खंड को पूरा करने पर रेलवे को 52680 करोड़ खर्च करना होगा। वहीं पूरे दिल्ली-कोलकाता कॉरिडोर को पूरा करने पर रेलवे को एक लाख 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश करना होगा।

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China bullet train - फोटो : getty
बता दें कि यह देश में तीसरी हाईस्पीड रेल परियोजना है। भारत में बुलेट ट्रेन की शुरूआत मुंबई- अहमदाबाद कॉरिडोर से होने जा रही है। यहां इसी साल सितंबर महीने से काम शुरू हो जाएगा। वहीं मुंबई-नागपुर कॉरिडोर अभी अपने अग्रिम चरण में हैं और उम्मीद की जा रही है कि उसे भी जल्द अनुमति मिल जाएगी।
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China bullet train - फोटो : getty
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को जोड़ने वाली इस योजना को केंद्र सरकार जल्द से जल्द आगे बढ़ाना चाहती है। इससे जहां पूर्वी यूपी में विकास को बढ़ावा मिलेगा वहीं राजनीति के लिहाज से भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस इलाके में वोटों का गणित भी बेहतर होगा।
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