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वाराणसी बुलडोजर एक्शन: दो बुलडोजर से कंदवा में 15 करोड़ की सरकारी जमीन कराई गई खाली, कई थानों की फोर्स तैनात

Thu, 07 May 2026 01:58 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में बृहस्पतिवार को बुलडोजर की कार्रवाई कई इलाकों में की गई। नगर निगम की ओर से शहर के कई इलाकों में अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स की मौजूदगी रही। 
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वाराणसी बुलडोजर एक्शन - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी जिले के चितईपुर में दो बुलडोजर चलाकर 15 करोड़ की सरकारी संपत्ति से अवैध कब्जा हटवाया गया। नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल के निर्देश पर बृहस्पतिवार को अपर नगर आयुक्त संगम लाल और सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में भारी फोर्स के बाद भी स्थानीय लोगों ने विरोध किया।
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वाराणसी बुलडोजर एक्शन - फोटो : अमर उजाला
परिवारों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से रह रहे हैं। टिनशेड लगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि जमीन के कागजात दिखाने अपर नगर आयुक्त के पास गए थे। बावजूद उनकी नहीं सुनी गई। यहीं नहीं कई महिलाएं गुहार लगाने पुलिस, प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों के पास पहुंची। उन्होंने पानी और मिठाई भी दी। बावजूद अधिकारियों ने एक न सुनी और बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया।
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वाराणसी बुलडोजर एक्शन - फोटो : अमर उजाला
नगर आयुक्त का कहना है कि शहर में कहीं भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी संपत्तियों को चिह्नित कर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम प्रशासन सरकारी संपत्तियों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह सजग है। 

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वाराणसी बुलडोजर एक्शन - फोटो : अमर उजाला
इस कड़ी में नगर निगम की टीम ने कंदवा क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई कर आठ बिस्वा जमीन को मुक्त कराया। हाईवे से सटे होने के कारण इस जमीन की बाजार दर से अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये है। कंदवा क्षेत्र में दबंगों ने कच्ची दीवार खड़ी कर उस पर अस्थायी टिनशेड डाल दिया था। बेशकीमती जमीन के इस हिस्से का उपयोग अवैध रूप से भूसा रखने के लिए किया जा रहा था। बाकी भूमि पर अतिक्रमण किया गया था।
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वाराणसी बुलडोजर एक्शन - फोटो : अमर उजाला
चकबंदी न्यायालय ने बंजर और शासकीय संपत्ति घोषित की
इस भू-भाग का मामला लंबे समय से चकबंदी अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी और उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में विचाराधीन था। हाल ही में चकबंदी न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उक्त जमीन को बंजर और शासकीय संपत्ति घोषित कर दिया। चूंकि यह क्षेत्र शहरी सीमा में आता है, इसलिए न्यायालय के आदेश के बाद इस संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व और अधिकार नगर निगम के पास आ गया।

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