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यूपी में बृजेश गंझू का एनकाउंटर: नाम अनेक, जुर्म बेहिसाब, निशाने पर रहते थे ये लोग; राजनीति में आजमाई किस्मत

Mon, 21 Sep 2026 11:45 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

यूपी में पहली बार मुठभेड़ में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर मारा गया है। यूपी एटीएस और नक्सली कमांडर के बीच वाराणसी के रामनगर लंका मैदान के पास मुठभेड़ हुई है। नक्सली का साथी भाग निकला। नक्सली बृजेश के खिलाफ 44 मामले दर्ज थे। 20 साल से आतंक था।बृजेश गंझू के नाम अनेक, जुर्म बेहिसाब थे। उसके निशाने पर पुलिसकर्मी रहते थे।
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Brijesh Ganjhu encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ में ढेर टीएसपीसी का मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता नाम बदलने में भी माहिर था। वह अनेक नाम के साथ बेहिसाब जुर्म करता गया। हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लेवी वसूली, आपराधिक षड्यंत्र, आर्म्स एक्ट जैसे अपराध करता था। 

हर अपराध नाम बदलकर करता था। एटीएस के मुताबिक उसके खिलाफ बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार, उर्फ तुषार, उर्फ रंजन, उर्फ फूलचंद, उर्फ दुलारचंद के नाम प्राथमिकी में दर्ज है। वह पुलिसकर्मियों को ज्यादा निशाना बनाता था। पुलिसकर्मियों की हत्या कर देता था।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
15 साल की उम्र की थी पहली हत्या, रंगदारी के 18 तो हत्या और हत्या के प्रयास के 12 मामले दर्ज
एटीएस के मुताबिक, नक्सली बृजेश ने 15 साल की उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ हत्या का पहला मामला 1996 में दर्ज हुआ था। यानी 30 साल से अपराध कर रहा था। उसकी उम्र 45 साल थी। 1996 से 2025 तक बृजेश ने हत्या के छह और हत्या के प्रयास के छह मामले दर्ज हैं। 18 मुकदमे सिर्फ रंगदारी के दर्ज हैं। 2018 से टेरर फंडिंग मामले में एनआईए को भी बृजेश गंझू की तलाश थी।
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बृजेश गंझू की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
झारखंड के सिमरिया, लावालौंग और टंडवा थाना क्षेत्र में था आतंक
एटीएस के मुताबिक, आरोपी का सबसे बड़ा आपराधिक नेटवर्क सिमरिया और टंडवा थाना क्षेत्र में फैला रहा है। झारखंड के सिमरिया थाना में आरोपी पर वर्ष 1996 से लेकर 2018 तक हत्या, अपहरण, रंगदारी, सरकारी काम में बाधा व हमला, आर्म्स एक्ट और यूएपीए जैसी गंभीर धाराओं में 8 प्रमुख मामले दर्ज हैं। टंडवा थाना में आरोपी के खिलाफ 2014 से 2025 तक कुल 17 गंभीर मामले दर्ज हैं। 

 

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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
इनमें हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी, सीएलए एक्ट और बीएनएस के तहत हालिया मामले शामिल हैं। लावालौंग थाना क्षेत्र में भी आरोपी के खिलाफ वर्ष 2015 से 2018 के बीच अपहरण, रंगदारी, अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) और यूएपीए के 4 मामले दर्ज हैं। बशिष्ठनगर, राजपुर, हंटरगंज, गिद्धौर, कटकमसांडी, पिपरावर, सदर, पथलगड्डा, मयूरहंड और कुंदा थाना में भी उसके खिलाफ रंगदारी, आर्म्स एक्ट व अन्य संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।
 
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
पहले भाकपा से जुड़ा था
एटीएस के मुताबिक, बृजेश पहले भाकपा माओवादी से जुड़ा था। बाद में माओवादी संगठन से अलग होकर टीएसपीसी का प्रमुख बन गया। पुलिस के अनुसार वह झारखंड के चतरा, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और पलामू के अलावा बिहार के कुछ सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहा।

 
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
2010 में निर्विरोध मुखिया बना था, टेरर फंडिंग के मामलों में भी आया नाम
झारखंड पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, बृजेश 2010 में लावालौंग पंचायत से निर्विरोध मुखिया चुना गया था। इसके बाद भी वह उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय रहा। वह कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलता था। चतरा के टंडवा इलाके में दर्ज टेरर फंडिंग के मामलों में भी उसका नाम सामने आया था।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ स्थल पर पहुंची पुलिस
मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद कमिश्नरेट पुलिस के काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, रामनगर थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने मुठभेड़ स्थल की जांच की है।
 

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मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। - फोटो : एआई
यूपी में 30 लाख का इनामी नक्सली ढेर
यूपी एटीएस ने रविवार की अल सुबह चार बजे रामनगर लंका मैदान के पास झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता (45) को मुठभेड़ में मार गिराया। बृजेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। बृजेश के खिलाफ 44 मामले दर्ज थे।नक्सली के पास से दो पिस्टल, एक कार्बाइन, भारी मात्रा में कारतूस और एक लाख नकदी बरामद हुई है। इस बीच उसका साथी बाइक से भाग निकला।

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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा। - फोटो : एआई
मुठभेड़ में एटीएस वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेट प्रूफ जैकेट में दो गोली लगी थी लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचा। एटीएस के मुताबिक, यूपी में पहली बार 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर मुठभेड़ में मारा गया है। उधर, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के सोहवन लुट्टू गांव निवासी बृजेश गंझू का झारखंड में 20 साल से आतंक था। डीजीपी ने एटीएस की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया है।

 

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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा। - फोटो : एआई
एटीएस वाराणसी यूनिट के पुलिस उपाधीक्षक विपिन राय को सूचना मिली कि सोनभद्र-मिर्जापुर के रास्ते झारखंड का दुर्दांत नक्सली अपने साथियों के साथ वाराणसी सीमा में प्रवेश करने वाला है। इस सूचना के आधार पर एटीएस कमांडो के साथ डिप्टी एसपी ने रविवार की तड़के रामनगर थाना क्षेत्र में घेराबंदी शुरू कर दी। टेंगरा मोड़ से मुगलसराय जाने वाली सड़क पर रामनगर लंका मैदान के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों को नजदीक आता देख एटीएस की टीम ने रुकने का इशारा किया। इस पर पीछे बैठे युवक ने फायरिंग शुरू कर दी।

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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा। - फोटो : एआई
पिस्टल से निकली गोली डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेट प्रूफ जैकेट में सीने के पास जा लगी। जवाबी फायरिंग में पीछे बैठा बाइक सवार बदमाश घायल हो गया। बाइक चलाने वाला हाईवे की ओर भाग निकला। घायल को रामनगर राजकीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाश की पहचान दुर्दांत नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार, उर्फ तुषार, उर्फ रंजन, उर्फ फूलचंद उर्फ दुलारचंद के रूप में हुई है। डिप्टी एसपी विपिन राय के अनुसार बृजेश गंझू के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण समेत 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके पास से .32बोर के दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, कार्बाइन, एक लाख नकदी बरामद हुई है।

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एटीएस ने रविवार को तड़के सोनभद्र-मिर्जापुर रूट से आ रहे बाइक सवार को रोका। - फोटो : एआई
नक्सली के सीने में लगी थीं दो गोलियां, छोटा भाई शव लेने पहुंचा
एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सली बृजेश गंझू के सीने में दो गोलियां लगी थीं। एक गोली दाएं और दूसरी बाएं तरफ सीने में लगी थी। डॉक्टरों की टीम ने रविवार की देररात ही शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में उसके शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। एटीएस के मुताबिक, नक्सली के सीने में दो गोलियां लगी थीं। उसके छोटे भाई सुरेश कुमार को वाराणसी बुलाया गया है। उसकी मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम कराया गया।

 
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
एनआईए ने पांच लाख तो झारखंड पुलिस ने घोषित किया था 25 लाख इनाम
एनआईए ने बृजेश पर पांच लाख रुपये तो झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह कुल इनाम 30 लाख रुपये था। एटीएस के मुताबिक इससे पहले टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर उमेश उर्फ नगीना को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। नगीना पर झारखंड पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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