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100 साल का गौरवशाली इतिहास पर बीएचयू बना ‘अनसेफ’, पढ़िए क्या कहती हैं छात्राएं

Wed, 27 Sep 2017 01:36 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय महज एक शैक्षणिक संस्थान भर नहीं, यहां पढ़ना किसी भी विद्यार्थी के लिए गौरव की बात है। दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार बीएचयू के 100 साल का विलक्षण अतीत है। देश-दुनिया में नाम कमा चुकीं कई शख्सियतें महामना की इस बगिया में पुष्पित-पल्लवित हुईं। फिर आखिर क्या हुआ कि वही गौरव आज ‘अनसेफ’ की काली छाया में घिर गया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें...
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बीएचयू में दिनभर मची रही अफरा तफरी - फोटो : अमर उजाला
बीते कुछ दिनों में इस परिसर में जो कुछ हुआ, वह छात्र-छात्राओं को कचोट रहा है। खासतौर पर उन्हें जिन्होंने इसी साल बीएचयू में दाखिला लिया और अपना भविष्य संवारने का सपना लेकर यहां आए। उनकी वेदना उनकी बातों में छलक रही है। उनका भी सवाल है कि आखिर कैसे बने ऐसे हालात? आगे पढ़ें क्या कहती हैं छात्राएं..?
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सुरक्षा की मांग पर दूसरे दिन भी छात्राओं का धरना-प्रदर्शन जारी - फोटो : अमर उजाला
साक्षी सिंह ने इसी साल बीए में प्रवेश लिया है। साक्षी का कहना है कि मेरा सपना था यहां पढ़ने का। यहां एडमिशन मिलने की खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकती लेकिन आज जो हालात हैं, उस पर यकीन नहीं हो रहा है। यह सच है कि ये सब रातों-रात नहीं हुआ। बवाल भले थम गया हो लेकिन ये घटना बीएचयू के इतिहास का काला अध्याय बन गई।

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बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
एमए प्रथम वर्ष की छात्रा मोनिका का कहना है कि कैंपस में जो कुछ हुआ, गलत हुआ। दुख इस बात का है कि जो असल मुद्दा था, उससे सबका ध्यान भटक गया। समस्या वर्षों से रही होगी, तभी इस तरह छात्राएं सामने आईं। कैंपस में बिना रोक-टोक बाहरी लोगों का आना, कई जगह पिकनिक स्पॉट बन जाना भी एक वजह है। हालांकि इस मामले में बीएचयू प्रशासन को भी क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। खैर जो भी है बीएचयू के नाम के साथ जुड़ा ‘अनसेफ बीएचयू’ का टैग हटाना होगा।
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बीएचयू में हुए बवाल के बाद हॉस्टल खाली करने वाली करीब सभी छात्राओं का यही मानना है। उनका कहना है कि बीएचयू में दाखिले के लिए पूर्वांचल से लेकर बिहार, मध्य प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक के युवा पूरी मेहनत करते हैं। क्योंकि, यहां शिक्षा का माहौल है, बेहतर भविष्य की संभावनाएं हैं लेकिन इस घटना के बाद से हमारे मम्मी-पापा की निश्चिंतता खत्म हो गई है।
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bhu - फोटो : अमर उजाला
आगजनी, पथराव, लाठीचार्ज, बवाल के बाद उनके मन में डर समा गया है। जरूरी है कि बात असल मुद्दे पर हो और मुद्दा छात्राओं की सुरक्षा का है। किसी भी घटना को राजनीतिक रंग देने के बजाय समस्या की जड़ पर बात होनी चाहिए। जब तक समाधान नहीं होगा, सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलेगी और ‘अनसेफ’ का दाग नहीं मिटेगा।
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पहले 28 से होनी थी छुट्टी - फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल खाली करने के फरमान के बाद जो छात्राएं मिन्नतें-गुहार लगाकर हॉस्टल में रविवार को रुक गई थीं, उन्होंने सोमवार को हॉस्टल खाली कर दिया। त्रिवेणी संकुल और एमएमवी हॉस्टल के बाहर पुलिस फोर्स तो तैनात थी लेकिन बड़ी उदास सी खामोशी पसरी रही। हॉस्टल के गेट तभी खुल रहे थे जब कोई छात्रा अपना सामान-बैग उठाए घर जाने को निकल रही थी। 
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बीएचयू में दिनभर मची रही अफरा तफरी - फोटो : अमर उजाला
दूसरे हॉस्टलों की भी ज्यादातर छात्राएं अपने घरों को जा चुकी हैं। जो रुकी हैं, उनमें ज्यादातर की परीक्षाएं हैं। छात्राओं का कहना है कि शनिवार रात की घटना को लेकर छात्राओं में अब भी खौफ है। जो छात्राएं हॉस्टल में रुकी हैं, वे भी बाहर निकलने में अभी परहेज कर रही हैं। 
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