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गौरव की हत्या के पहले की गई थी सुलह की कोशिश, बिड़ला ए हॉस्टल की पंचायत में तय हुई थी ये बात

Thu, 04 Apr 2019 05:16 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बीएचयू के एमसीए के निष्कासित छात्र गौरव सिंह के हत्या के पहले सुलह समझौते का दौर चला था। बात भी लगभग रफादफा हो चुकी थी, फिर आखिर ऐसा क्या हुआ और किसने साजिश रची कि सुलह की कोशिश के बाद गौरव की हत्या कर दी गई। जानें आगे की स्लाइड्स में...
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मृत छात्र गौरव - फोटो : अमर उजाला
गौरव सिंह के हत्या और उसकी हत्या के आरोपी कुमार मंगलम सहित अन्य के बीच विवाद खत्म करने के लिए दोनों पक्ष सुलह की कोशिश कर रहे थे। बिड़ला ए हॉस्टल में हुई पंचायत में तय हुआ था कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में पुलिस और अदालत को शपथ पत्र देकर समझौता कर लेंगे। 
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बीते माह संपन्न हुए स्पंदन के दौरान बिड़ला ए और बिड़ला सी के छात्रों के बीच मारपीट हुई थी। गौरव के भाई सौरभ ने बिड़ला ए के छात्र का पक्ष लिया था। बिड़ला सी हॉस्टल में रहे छात्र का पक्ष कुमार मंगलम सहित अन्य छात्रों ने लिया था। इसके बाद एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश शुरू हुई। वारदात से एक हफ्ते पहले भी मारपीट हुई थी। 

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इन घटनाओं में बीएचयू से उत्तीर्ण पवन मिश्रा, धीरज सिंह और शिवम द्विवेदी सहित चार जिला जेल में निरुद्ध हैं। पुलिस के अनुसार, यह सभी गौरव की हत्या के आरोपी कुमार मंगलम सहित तीन अन्य के दोस्त हैं। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि लंका पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पूरे प्रकरण की बिंदुवार तफ्तीश कर रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर बीएचयू परिसर में अराजकता रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।
 
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गौरव की हत्या के बाद पुलिस को उसके करीबी छात्रों द्वारा पलटवार किए जाने की आशंका है। पुलिस के अनुसार, गौरव की बिड़ला ए और लालबहादुर शास्त्री हॉस्टल के छात्रों में गहरी पैठ थी। स्थानीय निवासी होने के कारण सीरगोवर्धनपुर, छित्तूपुर, करौंदी, सुसुवाही, अमरा, अखरी सहित बीएचयू के आसपास के अन्य इलाकों के लड़कों के बीच भी गौरव लोकप्रिय था। पुलिस को आशंका है कि कुमार मंगलम के करीबी छात्रों पर गौरव के करीबी छात्रों का गुट हमला कर सकता है।
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विश्वविद्यालय परिसर में करीब पच्चीस साल पहले भी हत्या हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो 1994 में एक छात्र को आपसी रंजिश में हॉस्टल में घुसकर गोली मार दी गई थी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।
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