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हद है: कैग रिपोर्ट में बनारस स्टेशन नंबर वन, सुविधाओं के मानकों पर फेल; प्लेटफॉर्म की फर्श उखड़ी-टूटी हैं बेंच

Sun, 23 Aug 2026 10:05 AM IST
Aman Vishwakarma रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

कैग रिपोर्ट में बनारस स्टेशन नंबर एक को यात्री सुविधाओं के मानकों पर खरा नहीं पाया गया। प्लेटफॉर्म की फर्श उखड़ी है, जबकि हल्की बारिश में शेड से पानी टपकने लगता है। यात्रियों के बैठने के लिए लगी कई बेंच भी टूटी पड़ी हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
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ऐसे प्लेटफाॅर्म पर चलते हैं यात्री। - फोटो : संवाद
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में भले ही बनारस रेलवे स्टेशन को 19 मानकों पर खरा बताया गया है लेकिन हकीकत एकदम अलग है। यात्री सुविधाओं के मानक पर स्टेशन फेल है। समस्याओं का अंबार है। प्लेटफॉर्म नंबर 8 और 1-2 को छोड़ दिया जाए तो बाकी प्लेटफाॅर्म पर कहीं फर्श उखड़ी है तो कहीं ऊपर से सीमेंट से चिपका कर किसी तरह कमी को छिपाया गया है। जरा सी बारिश में पानी टपकने लगता है। पत्थर से बनाए गए बेंच टूटे हैं। सरिया दिख रहा है। 

कैग की रिपोर्ट को आधार बनाकर बनारस रेलवे स्टेशन पर जनसुविधाओं की शनिवार को पड़ताल की गई। प्लेटफाॅर्म नंबर 8 देखने में तो अच्छा लगता है लेकिन जैसे ही यात्री किसी दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाते हैं तो वहां अव्यवस्था की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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प्लेटफॉर्म की फर्श उखड़ी है। - फोटो : संवाद
3 से 7 तक कई जगह प्लेटफॉर्म की फर्श उखड़ी :  प्लेटफॉर्म नंबर 3 से 7 तक कई जगह प्लेटफॉर्म की फर्श उखड़ी है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को चलने में परेशानी होती है। ट्रॉली बैग के साथ ट्रेन पकड़ना मुश्किल रहता है। ट्रॉली बैग को उठाकर ट्रेन में बैठना पड़ता है। कुछ जगहों पर सीमेंट वाली बेंच  टूट गई। नीचे का सरिया दिख रहा है। 

जहां बैठकर यात्री करते ट्रेन का इंतजार, वहां टपकता मिला बारिश का पानी : बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6-7 पर जिस जगह पर यात्रियों के बैठने के लिए चबूतरा बना है वहां शनिवार की दोपहर छत से पानी टपक रहा था। हल्की बारिश में भी एक जगह इतना पानी गिर रहा था कि चबूतरे पर पानी भर गया था। इस वजह से यात्री अपना सामान लेकर दूसरे सुरक्षित जगह पर चले गए। समस्या प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 पर देखने को मिली। 
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बेंच पर बैठने की जुगाड़ वाली व्यवस्था। - फोटो : संवाद
प्लेटफॉर्म पर लगा रिजर्वेशन डिस्प्ले बंद जो चल रहा उसमें नो सिग्नल : बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगे रिजर्वेशन डिस्प्ले बोर्ड भी काम नहीं कर रहे हैं। प्लेटफॉर्म 5 और 6 सहित कई जगहों पर लगे रिजर्वेशन डिस्प्ले बोर्ड में कई जगहों पर बंद थे।

कुछ जगहों पर ऑन थे लेकिन उसमें नो सिग्नल लिखा था। इस पर रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों का पूरा विवरण दिखता है। ट्रेन का नंबर, यात्री का नाम, उनका सीट और कोच नंबर। कहां से कहां तक की यात्रा करनी है।

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बारिश के बाद बदतर हो जाते हैं हालात। - फोटो : संवाद
बैग स्कैनर है, सुरक्षाकर्मी भी लेकिन निगरानी नहीं : प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर बैग स्कैनर है। आरपीएफ कर्मी भी तैनात हैं लेकिन निगरानी नहीं होती है। बैग के साथ यात्री सीधे प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए लेकिन किसी ने नहीं रोका। स्कैनर में भी बैग नहीं डाले गए और बिना सुरक्षा जांच के ही लोगों को जाने दिया गया।  

जनऔषधि केंद्र पर लटक रहा ताला, कैसे मिलेगी जरूरी दवाइयां :  प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर वेटिंग हाॅल में जनऔषधि केंद्र खोला गया है जो शनिवार बंद मिला। लोगों ने बताया कि लंबे समय से जनऔषधि केंद्र खुला ही नहीं है। 
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यात्रियों ने बताई समस्या। - फोटो : संवाद
प्लेटफॉर्म पर बैठने वाली सीट तो कम से कम सही रहनी चाहिए। पानी टपक रहा था इसलिए दूसरी बेंच पर जाकर बैठ गया। - उपेंद्र कुमार, पलामू

दिल्ली वाली ट्रेन पकड़ने के लिए समय से पहले आ गए। प्लेटफॉर्म पर फर्श उखड़ने से संभलकर पैदल चलना पड़ता है। रेलवे की ओर से इस तरह की वास्तविक समस्या को जल्द से जल्द दूर कराना चाहिए। - शोभा जायसवाल, तेलियाबाग

बनारस रेलवे स्टेशन पर जो भी समस्याएं हैं उससे विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जल्द से जल्द बैठने वाली बेंच ठीक कराई जाएगी। फर्श उखड़ने सहित दूसरी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। - हिमांशु राव, मुख्य प्रचार निरीक्षक, वाराणसी
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