फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ से 500 मकान घिरे: बलिया में खतरा बिंदु से एक मीटर ऊपर बह रही गंगा, सरयू नदी का रुख नरम; स्कूल भी चपेट में

Sun, 23 Aug 2026 05:35 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु से एक मीटर से अधिक ऊपर बह रहा है। सुधरछपरा और उदई छपरा की बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। विद्यालय भी इसकी चपेट में आ गए हैं। जलस्तर में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। सरयू नदी का रुख नरम होने से थोड़ी राहत है।

विज्ञापन
1 of 6
आबादी वाले इलाके में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद
गंगा नदी के लगातार उग्र रूप अख्तियार करने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। शनिवार को नदी का जलस्तर मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर को पार कर हाई फ्लड लेवल की ओर बढ़ने लगा। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तटवर्ती गांवों में अफरातफरी का माहौल है। शहर के निचले इलाकों में पानी फैलने से फ्लड एरिया में बसे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। गायघाट गेज के अनुसार शनिवार शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर 58.770 मीटर दर्ज किया गया। नदी में आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। गंगा खतरे के बिंदु 57.615 मीटर से 1.155 मीटर ऊपर बह रही है।

वहीं मझौवां के सुघर छपरा और उदई छपरा की बस्तियों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। प्राथमिक विद्यालय सुघर छपरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय केहरपुर भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, जिससे बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो गया है।

सुघर छपरा गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर घुटने तक पानी भरने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। गंगा का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोग सुरक्षित ठौर तलाशने लगे हैं। गंगा के मुहाने पर बसे गांवों में नदी की धारा के बैक रोलिंग कटान का खतरा बढ़ गया है।केहरपुर निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट भी बाढ़ की चपेट में आ गया है।
विज्ञापन

2 of 6
500 मकान घिरे। - फोटो : संवाद
इन गांवों में बाढ़ का गहराने लगा बाढ़ का संकट
मझौवां। गंगा की बाढ़ से सुघर छपरा, दूबे छपरा ,गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, बड़का व छोटका बुधनचक, मठिया, मुरली छपरा, जगदेवा, पाण्डेयपुर, मिश्र के मठिया, चिन्तामणी राय के टोला, गुदरी राय के टोला, वंश गोपाल छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला, शतिघाट, भुसौला सहित चार दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराता नजर आ रहा है, जिससे 45 हजार की आबादी पर असर पड़ेगा।

पार्कोंपाइन विधि का कार्य भी गंगा के आगे घुटने टेका
मझौवां। चक्की नौरंगा में कटान पीड़ित रविंद्र ठाकुर, अभिनंदन ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, संजय ठाकुर ने बताया कि करोड़ों की परियोजनाओं में मानक की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। बताया कि करोड़ों की लागत से किया गया कटान रोधी कार्य के तहत 2300 मीटर में किया गया पार्कोंपाइन विधि का कार्य भी गंगा के आगे घुटने टेक दिया है।
विज्ञापन

3 of 6
स्कूलों में भी घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद
आधा सेमी प्रतिघंटा खिसक रहा सरयू का जलस्तर
बेल्थरारोड। लाल निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं। जलस्तर में निरंतर घटाव का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम जलस्तर 64.48 मीटर दर्ज किया गया, जबकि लाल निशान 64.01 मीटर है। आयोग का कहना है कि आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी हो रही है।

4 of 6
मकानों में फंस गए लोग। - फोटो : संवाद
सरयू की बाढ़ से घिरने लगे चार गांव, प्राथमिक विद्यालय में घुसा पानी
जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के चांददियर पंचायत के पियारी के डेरा, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा पूर्वी और पलटू नगर गांव सरयू नदी के बढ़ते बाढ़ के पानी से घिरते जा रहे हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती मांझी में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी की स्थिति को देखते हुए विद्यालय के सोमवार से बंद होने की संभावना जताई जा रही है। बैरिया तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पियारी के डेरा, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा पूर्वी और पलटू नगर के लिए फिलहाल एक नाव उपलब्ध कराई गई है।
 
 
विज्ञापन

5 of 6
कटान से किसान हो रहे परेशान। - फोटो : संवाद
गोपालनगर टाड़ी व धूपनाथ के डेरा में 500 मकान घिरे
बैरिया। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से गोपाल नगर टाड़ी शिवाल मठिया व धूपनाथ के डेरा मिलकर कुल 500 से अधिक मकान बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गोपाल नगर टाड़ी निवासी गणेश यादव, मुखराम यादव, बाबूराम यादव, गणेश प्रसाद यादव के अलावा शिवाल मठिया के धन जी चौधरी, गौरी चौधरी ने बताया कि प्रशासन की तरफ से भोजन की व्यवस्था तो की गई है, किंतु अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
बाढ़ की स्थिति अभी बहुत गंभीर नहीं है। फसल जरूर डूबी हैं। निचले इलाके की बस्तियां बाढ़ के पानी घिरी है, लेकिन इतना पानी नहीं है की नौका लगाया जाए। फिलहाल गोपाल नगर टाड़ी पर एक छोटी नाव की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। शिवाल मठिया, गोपाल नगर टाड़ी, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर में लेखपाल को मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। स्वयं प्रतिदिन मौके पर जाकर व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहा हूं। - शशि भूषण मिश्रा, उप जिलाधिकारी बैरिया
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एनडीआरएफ की टीम कर रही निगरानी। - फोटो : संवाद
बाढ़ पीड़ितों को तत्काल पहुंचेगी राहत: सूर्यभान सिंह
बैरिया। उत्तरी दियरांचल के गोपाल नगर टाड़ी व गंगा उस पार के कटान पीड़ितों के बीच लंगर चलाने के साथ ही टाड़ी के कटान पीड़ितों में खाद्यान्न, नकद, सोलर लाइट हैंडपंप लगाने वाले भाजपा नेता सूर्यभान सिंह अब गंगा व सरयू नदी के बाढ़ पीड़ितों की मदद की। उन्होंने शनिवार को बैरिया में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार कटान पीड़ितों को हर संभव सरकारी सहायता प्रदान कर रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें