यूपी के आजमगढ़ जिले के एक गांव में अर्ध विक्षिप्त युवक मंगलवार दोपहर 33 हजार की हाईटेंशन लाइन पर चढ़ गया। गनीमत ती कि उसे ऐसा करते देख किसी ने देख लिया और बिजली कटवा दी। युवक बंदरो की तरह इस तार से उस तार के सहारे झूलता रहा। इधर, अनहोनी की आशंका में ग्रामीणों की सांस अटकी रही। करीब पांच घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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अग्निशमन दल विभाग और गांव वालों की मदद से पुलिस ने करीब पांच घंटे बाद उसे पोल से नीचे उतरवाया। इस दौरान एक अधेड़ पोल से गिरकर घायल हो गया। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा। पुलिस ने अर्द्धविक्षिप्त युवक को सीएचसी मेहनाजपुर में भर्ती कराया है। डाक्टर की सलाह पर उसे वाराणसी पागल खाने भेजवा दिया गया।
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मेहनाजपुर गांव के दक्षिणपुरा मुहल्ला निवासी दयाशंकर (35) पुत्र संतलाल दिमागी रूप से बीमार है। दो भाइयों में बड़े दयाशंकर का इलाज चल रहा। मंगलवार की सुबह करीब दस बजे दयाशंकर घर से निकला और गांव के बाहर से गुजरे हाईटेंशन तार के पोल पर चढ़ गया।
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गांव के लोगों ने दयाशंकर को पोल पर चढ़ते देखकर तुरंत पावर हाउस में फोन कर सप्लाई कटवा दी, साथ ही इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने दयाशंकर को नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन वह उतरने को तैयार नहीं हुआ। बल्कि लोगों के पोल पर चढ़ने पर दूसरे तार पर कूद गया।
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दयाशंकर को नीचे उतारने के लिए सकियाबकिया गांव निवासी विजयी राम (45) चढ़ा। लेकिन दयाशंकर ने धक्का मारकर विजयी को नीचे गिरा दिया। जिससे वह घायल हो गया। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
दयाशंकर के नीचे न उतरने पर प्रभारी निरीक्षक मेहनाजपुर कुमुद शेखर सिंह ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलवाई। फायर ब्रिगेड के जवान और गांव वालों की मदद से करीब पांच घंटे बाद दयाशंकर को पोल से नीचे उतारा गया। पुलिस ने दयाशंकर को सीएचसी मेहनाजपुर में भर्ती कराया, जहां से परीक्षण कर डाक्टर ने उसे वाराणसी के पागलखाने भेजने की सलाह दी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि डाक्टर की सलाह पर दयाशंकर को वाराणसी स्थित पागल खाने भेजवा दिया गया।