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Azamgarh Aircraft Crash: यूं लगा जैसे बवंडर में फंस गया हो विमान, जिसने सुना घटनास्थल की ओर दौड़ा चला गया

Wed, 23 Sep 2020 11:55 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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टुकड़ों में बंटा विमान। - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ जिले के सरायमीर के कोलपुर कुसहां गांव में विमान हादसे की सूचना जिसे मिली वो मौके की ओर दौड़ पड़ा। प्रत्यक्षदर्शी ग्राम प्रधान राजाराम यादव व अन्य लोगों ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से विमान ऊपर बवंडर जैसी स्थिति में फंस गया था। यहां से उसकी दिशा बिगड़ गई। इसके बाद घूमते हुए सीधे नीचे आ गिरा।
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ग्रामीणों ने बताया कि सुबह बारिश काफी तेज हो रही थी। बिजली भी चमक रही थी। इसी बीच विमान हवा में ही टूटने लगा। उसका मलबा अलग-अलग बिखर रहा था। पूरे विमान का मलबा गांव के हरेंद्र यादव, महेंद्र यादव और राजेंद्र यादव के खेत में गिरा था, जबकि पायलट का शव वहां से तीन सौ मीटर दूर गांव के पास मिला।
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ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन, क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार पायलट ऊपर ही विमान से अलग हो गया था। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो जाने से पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश से खेतों और पगडंडियों पर कीचड़ होने के कारण लोगों को ही नहीं पुलिस को भी वहां पहुंचने में काफी दिक्कत हुई।

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ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन, क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट। - फोटो : अमर उजाला
एक अन्य के पैराशूट से उतरने की रही अफवाह
हादसे के बाद क्षेत्र में अफवाहें भी खूब उड़ीं। पहले हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की सूचना मिली। ग्रामीणों के बीच यह भी अफवाह फैली थी कि विमान से एक अन्य व्यक्ति पैराशूट के सहारे मंजरीपट्टी गांव के आसपास कहीं उतरा है। उसकी भी तलाश होने लगी। बाद में अमेठी के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से बताया गया कि एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ है और इसे एक ही पायलट सोलो उड़ान पर लेकर गया था।
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फ्रांसीसी कंपनी का था विमान
विमान के मलबे पर फ्रांसीसी कंपनी सोकाटा का नाम दर्ज है। यह फ्रांस की एक एविएशन कंपनी है जो व्यावसायिक विमान, छोटे व्यक्तिगत या प्रशिक्षण विमान के साथ ही एयरबस भी बनाती है। टीबी-20 टाइप के इस विमान पर फरवरी 1999 की डेट पड़ी हुई थी।
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125 घंटे उड़ान भर चुका था पायलट
पलवल हरियाणा निवासी प्रशिक्षु पायलट 21 वर्षीय कोणार्क शरन संस्थान में प्रशिक्षण के 125 घंटे पूर्ण कर चुके थे। उनके पिता एयर इंडिया में कार्यरत थे जो अब रिटायर हो गए हैं। कोणार्क तीन बहनों में इकलौते भाई थे। पुलिस की ओर से जानकारी देने के बाद वहां से जांच के लिए टीम भेजने की बात कही गई है।
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