उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक बार फिर से अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ने का मामाला सामने आया है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ और पथराव किया। इस बवाल का मंजर काफी भयावह था। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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- फोटो : अमर उजाला
जिले के अहरौला थाने के माहुल पुलिस चौकी के ठीक सामने स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को गुरुवार की सुबह एकयुवक ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे आक्रोशित लोगों ने आरोपी को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। बीच बचाव करने पहुंचे चौकी प्रभारी सहित सिपाही पर भी लोगों ने हमला बोल दिया और पुलिस चौकी में पथराव कर दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंची डायल 100 की जीप सहित अन्य लोगों की कार, बाइक आदि में तोड़फोड़ करते हुए बाजार बंद कराकर माहुल चौक पर चक्का जाम कर दिया। साथ ही आगजनी भी की गई। चौक जाम होने से कई प्रमुख मार्गों की यातायात व्यवस्था ठप हो गई। उपद्रवियों ने जमकर सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
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- फोटो : amar ujala
तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स लेकर डीएम शिवाकांत द्विवेदी और एसपी बबलू कुमार अहरौला थाने पहुंचे। करीब आठ घंटे बाद शाम तीन बजे नई प्रतिमा लगाए जाने के बाद जाम स्वत: समाप्त हो गया। घटना के संबंध में इमामगढ़ माहुल के रहने वाले मिठाईलाल ने तीन नामजद और एक अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी। रिपोर्ट अभी नहीं दर्ज है।
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एसपी बबलू कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी आलोक पांडेय पुलिस हिरासत में है। बातचीत से उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं लग रहा। घटना के संबंध में अभी कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज है। उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही। कानून से खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा। चाहे वह जो भी हो।
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फाड़े गए होर्डिंग
- फोटो : amar ujala
अहरौला थाने के पूरामया पांडेय गांव निवासी आलोक पांडेय (25) पुत्र महेंद्र की दिमागी हालत बीते चार वर्षों से खराब चल रही, उसका दवा इलाज हो रहा। उसका मकान नगर पंचायत माहुल से सटा हुआ है। गुरुवार की सुबह करीब सात बजे आलोक माहुल कस्बे में पहुंचा और पुलिस चौकी के सामने स्थित डा. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को लोहे की राड से तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रतिमा तोड़कर आलोक जाने लगा, तभी दलित समुदाय के लोग उसे पकड़कर पीटने लगे। मामला पुलिस चौकी के सामने का होने से चौकी प्रभारी राजेश मौर्य एक सिपाही को लेकर पहुंचे और भीड़ से आलोक को बचाने का प्रयास किया तो लोग और उग्र होकर तांडव करने लगे।