फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पूरे होंगे सपने’ कार्यक्रम में बच्चों के नगर आयुक्त से सवाल, सफलता के मिले सुझाव

Tue, 28 Jan 2020 12:52 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
अमर उजाला कार्यक्रम के पूरे होंगे सपने में सवाल करते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला।
सवाल करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। हो सकता है कि सौ बच्चों में से एक बच्चे के सवाल पर 99 बच्चे हंसें, लेकिन सवाल जरूर करें। परिस्थितियां चाहे जो भी हों, अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए। आज के दौर में मोबाइल बड़ी चुनौती है, मगर एकाग्रता के साथ पढ़ाई करेंगे तो सफलता निश्चित है। बतौर मार्गदर्शक यह कहना है नगर आयुक्त (आईएएस) गौरांग राठी का।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
अमर उजाला की ओर से सोमवार को अपने हमराही परिवार के बच्चों के लिए ‘पूरे होंगे सपने’ कार्यक्रम का आयोजन चांदपुर स्थित कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर आयुक्त रहे। कार्यक्रम में कक्षा आठ से लेकर स्नातकोत्तर तक के बच्चे शामिल हुए। उन्होंने भविष्य से संबंधित सवाल किए और नगर आयुक्त ने उनकी शंकाओं का समाधान किया। जाते जाते बच्चों ने नगर आयुक्त के साथ सेल्फी ली। नगर आयुक्त ने अभिभावक रूपी हमराही (वितरकों) का उत्साहवर्धन भी किया।


बच्चों के सवाल और नगर आयुक्त के जवाब-
सन्नी कुमार का सवाल : मुझे कोई सवाल नहीं करना है?
जवाब : सवाल न करना भी अपने आप में सवाल है। आगे चलकर अपने बारे में जरूर सोचना और सवाल करने से कभी मत झिझकना।
विज्ञापन

3 of 6
सृष्टि चौबे का सवाल : मेरा माइंड बार-बार डायवर्ट हो जाता है? 
जवाब : अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनो। एकाग्रता के साथ उसके संग जाओ, सफलता जरूर मिलेगी। 

अमन भारद्वाज का सवाल : क्या टाइम टेबल के साथ पढ़ना जरूरी है? 
जवाब : इससे अनुशासन और दिशा मिलती है। हम हर विषय को समबद्धता के साथ पढ़ते हैं। 

ज्योति मौर्या का सवाल : पढ़ाई के समय मेरा माइंटसेट बदलता रहता है? 
जवाब : फोकस करके पढ़ाई करने से दिक्कत नहीं होगी। एकाग्रता के साथ पढ़ाई जरूर करें। 
 
नीतीश कुमार का सवाल : आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर क्या पढ़ाई पूरी हो पाएगी?  
जवाब : समाज में कई उदाहरण मिल जाएंगे, जिनकी आर्थिक स्थिति हालत ठीक नहीं थी। उनके बच्चों ने सपने को साकार किया। 

4 of 6
प्रिया का सवाल : क्या अभिभावकों के दिखाए रास्ते पर चलना जरूरी है? 
जवाब : अभिभावकों की बात सुननी और समझनी चाहिए। यदि तर्क के साथ उन्हें बताएंगे तो वे आपके साथ होंगे। 

नैना गुप्ता का सवाल : पढ़ाई को लेकर मुझे अपने ऊपर कांफिडेंस नहीं है? 
जवाब : नियमित पढ़ाई करने और विषयों को बांटकर एकाग्रता के साथ पढ़ने से कांफिडेंस डेवलप होगा। 

सौरभ का सवाल : मेरा माइंड पढ़ाई से डायवर्ट होता है? 
जवाब : तैयारी नियमित हो। एकाग्रता के लिए कई उपाय अपना सकते हैं, जिससे माइंड डायवर्ट नहीं होगा। 

मनीषा का सवाल :  मुझे एनडीए में जाना है, लेकिन वहां लड़कियों को नहीं लेते हैं? 
जवाब : जब तुम जाकर दरवाजा खटखटाओगी तो तुम्हारे में बारे में जरूर सोचा जाएगा। आर्मी में जाने के लिए और भी रास्ते हैं। 

दुर्गेश पांडेय का सवाल : कोई आर्ट्स तो कोई साइंस के साथ तैयारी करने को कहता है? 
जवाब : अपने आपसे सवाल करें। केवल यू ट्यूब और वीडियो के जरिये जानकारी करने के बजाय विषयों की गहराई में जाना जरूरी है। जानकारी होगी तो सबकुछ क्लियर हो जाएगा।
विज्ञापन

5 of 6
आकांक्षा मौर्या का सवाल : तैयारी कैसे करें कि सफलता मिले? 
जवाब : जब एक दीवार पर कई जगह हथौड़ा मारोगे तो कुछ नहीं होगा। लेकिन, जब उसी जगह पर लगातार हथौड़ा मारोगे तो वह टूट जाएगी। 

श्वेता सोनकर का सवाल : तैयारी के लिए एफर्ट के बारे बताएं ?
जवाब : सफलता के लिए एकाग्रता के साथ पढ़ाई करना जरूरी है। लोगों की सफलता की कहानी पढ़ो। 

विशाखा सोनकर का सवाल : पढ़ाई को लेकर क्लीयरिटी नहीं है? 
जवाब : अपने आप से ‘क्यों’ का जवाब हासिल करोगी तो ‘कैसे’ का जवाब भी मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सोनम कुमारी का सवाल : पढ़ाई के दौरान कई अड़चनें आती हैं? 
जवाब : गुलेल की तरह बनो। जितना पीछे खींचा जाता है, उतना आगे जाता है। 

गोल्डी पांडेय का सवाल : कास्ट के कारण मेरा प्रवेश बीएचयू में नहीं हुआ। मुझसे कम नंबर पाने वाली ओबीसी लड़की का हो गया? 
जवाब : तुमने अपने वर्ग में कंपटीट किया, उसने अपने वर्ग में कंपटीट किया। मन दुखी न करो, अपना प्रयास जारी रखो। 

अनमोल यादव का सवाल : मुझसे कोई सवाल नहीं पूछता है? 
जवाब : क्या तुम्हें भी कुछ नहीं पूछना है। अपने आप से सवाल करो। अच्छा मेरे बारे में भी नहीं पूछना है। चलो हम अपनी लाइफ जर्नी के बारे में बताते हैं। (इसके बाद नगर आयुक्त ने अपने बारे में बताया)।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें