सवाल करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। हो सकता है कि सौ बच्चों में से एक बच्चे के सवाल पर 99 बच्चे हंसें, लेकिन सवाल जरूर करें। परिस्थितियां चाहे जो भी हों, अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए। आज के दौर में मोबाइल बड़ी चुनौती है, मगर एकाग्रता के साथ पढ़ाई करेंगे तो सफलता निश्चित है। बतौर मार्गदर्शक यह कहना है नगर आयुक्त (आईएएस) गौरांग राठी का।