भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जब से लॉकडाउन लगा था, तभी से वह छात्रों-मजदूरों को वापस उनके घर पहुंचा रहे हैं। काम-धंधा, कंपनी-फैक्ट्री बंद होने से मजदूरों के पास काम नहीं बचा था, तो वहीं स्कूल-कॉलेज बंद होने से छात्र भी घर आना चाह रहे थे। मजदूर तबके और जरूरतमंद लोगों की वह तभी से सहायता कर रहे हैं।