जौनपुर के एक युवक के वाट्सएप पर एक मैसेज आया। इसके बाद जब मैसेज की सच साबित हुआ तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ऐसा कुछ होने वाला है। आगे की स्लाइड्स में जानें...
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- फोटो : अमर उजाला
जौनपुर के भड़ौर गांव निवासी सुरेंद्र बहेलिया के वाट्सएप पर मैसेज आया। जब उन्होंने इस मैसेज की पड़ताल की तो उनके होश उड़ गए। बता दें कि सुरेंद्र के पिता रघुनाथ बहेलिया उसकी मां विद्या देवी (50) को बोलेरो कार से इलाज के लिए वाराणसी ले गए थे। कार उसका छोटा भाई अरुण कुमार (25) चला रहा था। बोलेरो में वंदनपुर निवासी रामचेत (40) और उसी गांव के रामचंद्र पासवान (49) सवार थे। रामचेत रघुनाथ का बहनोई था।
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सुरेंद्र के वाट्सएप पर मंगलवार शाम को मैसेज आया कि वाराणसी में फ्लाईओवर के बीम के गिर गई। हादसे में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। इसके बाद उसे अपने परिजनों की चिंता सताने लगी। उन्होंने छोटे भाई अरुण को उन्होंने फोन लगाना शुरू किया लेकिन जवाब नहीं मिला। हादसे की सूचना उन्होने इलाहाबाद में रहकर तैयारी कर रहे मझले भाई वीरेंद्र को हादसे की सूचना दी।
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सुरेद्र को तब तक यह नहीं पता था कि उनके परिवार के लोग भी इसके शिकार हो गए हैं। परिवार के लोग देर तक नहीं पहुंचे और संपर्क नहीं हो पाया तो वह वाराणसी आ गए। माता-पिता को खोजते हुए बीएचयू तक पहुंच गया। जब उसे पता चला कि हादसे में उसके परिवार के लोग शिकार हो गए हैं तो उसके पांव तले की जमीन खिसक गई। मौत की खबर परिजनों को हुई तो घर में कोहराम मच गया। इसके बाद परिवार के लोग बनारस पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिवार के सदस्य घर पहुंचे।
भड़ौर गांव निवासी अरुण की अगले महीने में 13 जून को अरुण की शादी होनी थी। उसकी शादी इसी इलाके के मोलनापुर गांव में घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। अरुण बोलेरो चलाता था। उसी गाड़ी से मां के इलाज के लिए पिता और रिश्तेदार के साथ वाराणसी गया था। मगर हादसे से मांगलिक कार्य की खुशी गम में बदल गई। मोलनापुर गांव में भी मातम पसर गया।