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धाम में 5.5 लाख दर्शनार्थी: 2 लाख कावंड़ियों-वैरागियों ने किया बाबा का जलाभिषेक, दलाली रोकने को पुलिस तैनात

Tue, 11 Aug 2026 05:25 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Sawan: वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। धाम में करीब 5.5 लाख दर्शनार्थी पहुंचे, जबकि दो लाख कांवड़ियों और वैरागियों ने गंगाजल से बाबा का अभिषेक किया। गंगा स्नान के बाद कांवड़ लेकर निकले श्रद्धालुओं से घंटों घाटों की सीढ़ियां भगवा-नारंगी रंग में नजर आईं। फूलों की दुकानों के बाहर दलाली रोकने के लिए पुलिस तैनात रही।
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दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ के मणि मंदिर में शिवलिंग पर जल अर्पित करते श्रद्धालु। - फोटो : संवाद
Sawan: सावन के दूसरे सोमवार को दो लाख से ज्यादा कावंड़ियों, संतों, औघड़ों और वैरागियों ने बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन कर गंगाजल से अभिषेक किया। वहीं, शयन आरती तक 5.50 पांच लाख भक्त पहुंचे। रविवार के बाद देर रात कंधे पर कांवड़ लिए काशी को भगवामय करते हुए दशाश्वमेध घाट पर पहुंचे।

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गोदाैलिया मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब। - फोटो : संवाद
स्नान कर जब गंगा जल लेकर धाम की ओर बढ़े तो घंटों घाट की सीढि़यां नारंगी रंग में नजर आने लगीं। गेट नंबर चार से शुरू हुई कतार कुछ ही देर में दो किलोमीटर दूर गंगा घाट तक पहुंच गई। भोर में भीड़ का दबाव ऐसा बढ़ा कि लगा बंधी हुई बैरिकेडिंग खुल जाएगी। यहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने बैरिकेडिंग को धक्का मारकर अंदर किया।
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बाबा का जलाभिषेक करते श्रद्धालु। - फोटो : संवाद
करीब 250 से 300 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर काशी पहुंचे डाक बम कावंड़ियों में भी एक-दूसरे के प्रति दर्शन की स्पर्धा देखने को मिली। भोर में चार बजे मंदिर खुलते ही घाट से लेकर धाम तक हर-हर महादेव और जय श्री काशी विश्वनाथ का उद्घोष गूंजने लगा। 

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महामृत्युंजय मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : संवाद
छह से आठ घंटे तक लाइन में खड़े भक्त जब धाम के पास पहुंचे तो गेट नंबर चार के पास डीएम सत्येंद्र कुमार, सीईओ विश्वभूषण मिश्रा और मंदिर एसडीएम शंभूशरण ने भक्तों को पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। 
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कतारबद्ध होकर मंदिर में पहुंचे भक्त। - फोटो : संवाद
गर्मी की वजह से दोपहर में 12 बजे के बाद गोदौलिया के बाद से ही कतारबद्ध भक्तों की बैरिकेडिंग खाली हो गई। जबकि, रात में दशाश्वमेध घाट से ही भक्तों की कतारें लग चुकी थीं। रात को बाबा विश्वनाथ के गौरी शंकर रूप का शृंगार कर रजत प्रतिमा गर्भगृह में रखी गई। वहां पर शृंगार आरती के बाद बाबा के गौरी शंकर स्वरूप के झांकी दर्शन मिले।
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सड़क पर नाचते हुए बाबा के मंदिर में जाते कांवड़िए। - फोटो : संवाद
गेट नंबर चार भोर के साढ़े तीन बजे ही पैसे लेकर दर्शन कराने वाले फूलों के दुकानों के बाहर 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। हालांकि दोपहर के बाद मौका देख दुकानदारों ने काशी द्वार से कई लोगों को बिना आधार के प्रवेश कराने की कोशिश की। इस बीच कई भक्तों से पैसा लेकर भी दर्शन कराया गया।
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काशी विश्वनाथ मंदिर का द्वार। - फोटो : अमर उजाला
पहले से ज्यादा बैरिकेडिंग लगाई गईं
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि पहले से ज्यादा दायरे में बैरिकेडिंग को जिग-जैग स्वरूप दिया गया था। श्रद्धालुओं को धूप, बारिश और उमस से राहत देने के लिए अतिरिक्त शेड लगाए गए हैं। मंदिर एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि पहला सोमवार स्थानीय भक्तों और दूसरा सोमवार कावंड़ियों का ही होता है। भोर में भीड़ ज्यादा थी लेकिन सुरक्षाकर्मियों और पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत कर व्यवस्था को सुचारू करना पड़ा।
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सावन के दूसरे सोमवार पर काशी में उमड़े श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
5 जोन और 15 सेक्टर में बंटा शहर : पुलिस आयुक्त
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि श्रावण मास में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पूरे शहर को 5 जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। काशी के सभी प्रमुख मंदिरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस तैनात थी। इसके अलावा फायर टेंडर, क्यूआरटी, खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस भी रही।
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