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वाराणसी हत्याकांड में नया खुलासा: चार नहीं उस घर में हुईं आठ मौत, भाई-उसकी पत्नी के अलावा पिता और गार्ड भी मरे

Wed, 06 Nov 2024 02:16 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बाबा और पिता के बूते ही राजेंद्र का भदैनी में आलीशान मकान और जमीन है। शिवाला में उसकी जमीन पर ही देसी शराब का ठेका है। किरायेदार भी रहते हैं। मीरापुर रामपुर गांव में वह मकान बनवा रहा था। 
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शराब कारोबारी ने किया अपने पूरे परिवार का कत्ल - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के भदैनी इलाके के राजेंद्र गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों की गोली मार कर हत्या कर दी गई। राजेंद्र के पड़ोसियों ने बताया कि संपत्ति के लालच में राजेंद्र ने 28 साल पहले वर्ष 1996 में अपने छोटे भाई कृष्णा और उसकी पत्नी मंजू की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई थी। वर्ष 1997 में राजेंद्र पर उसके पिता लक्ष्मी नारायण गुप्ता और उनके एक चौकीदार की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, राजेंद्र की मां शारदा देवी ही मामले में वादी थी। इस कारण मां को अपने पक्ष में करके वह जेल से बाहर आ गया था। वहीं, कृष्णा और मंजू की हत्या का मामला रफा-दफा हो गया। जेल से बाहर आने के बाद वर्ष 1999 में उसने भदैनी में अपने किरायेदार एक ब्राह्मण परिवार की नीतू से प्रेम विवाह किया था। नीतू से प्रेम विवाह के बाद ही परिजन ने उससे नाता तोड़ लिया था।

राजेंद्र गुप्ता के बाबा पन्ना साव अपने दौर के संपन्न लोगों में शुमार थे। भदैनी इलाके के लोगों ने बताया कि पन्ना साव किराये पर 150 रिक्शा चलवा कर बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति के मालिक बन गए।
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कातिल राजेंद्र गुप्ता और उसकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
हर माह 10 लाख से ज्यादा की आमदनी
बाबा और पिता के बूते ही राजेंद्र का भदैनी में आलीशान मकान और जमीन है। शिवाला में उसकी जमीन पर ही देसी शराब का ठेका है। किरायेदार भी रहते हैं। मीरापुर रामपुर गांव में वह मकान बनवा रहा था। इसके अलावा छित्तूपुर सहित कुछ जगहों जमीन खरीदी थी। राजेंद्र के करीबियों ने बताया कि भदैनी व शिवाला के किरायेदारों और शराब ठेका संचालक से प्रति माह राजेंद्र को 10 लाख रुपये से ज्यादा किराया मिलता था।
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शराब कारोबारी के बेटे - फोटो : अमर उजाला
अलग-अलग तल पर मिले शव
भदैनी पावर हाउस के सामने की गली में राजेंद्र गुप्ता का पांच मंजिला मकान है। मकान के अगले हिस्से में प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर राजेंद्र का एक-एक फ्लैट है, जबकि अन्य फ्लैट और उससे सटे टिनशेड में 40 किरायेदार रहते हैं। राजेंद्र के साथ घर में मां शारदा देवी के अलावा उसकी दूसरी पत्नी नीतू, बेटे नवेंद्र व सुबेंद्र और बेटी गौरांगी रहते थे। मंगलवार की सुबह 11 बजे घर की सफाई करने के लिए रीता देवी प्रथम तल स्थित फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस बीच रीता ने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। अंदर जाने पर रीता ने देखा कि नीतू फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थी। वह भाग कर दूसरे तल के फ्लैट में गई तो वहां एक कमरे में नवेंद्र फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था और गौरांगी एक कोने में मृत पड़ी थी। वहीं, सुबेंद्र का शव बाथरूम में मिला। राजेंद्र के मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ट्रैक करना शुरू किया तो उसकी लोकेशन मीरापुर रामपुर गांव में मिली। पुलिस वहां पहुंची तो निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में मच्छरदानी लगे बिस्तर पर राजेंद्र का शव पड़ा था।

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शराब कारोबारी की पत्नी और बेटी - फोटो : अमर उजाला
मां और बच्चों को मारी गई एक से ज्यादा गोली
वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश यह ठान कर आए थे कि पूरे परिवार का सफाया करके ही जाना है। इसलिए नीतू और उनके तीन बच्चों के सिर पर एक से ज्यादा गोली मारी गई थी। राजेंद्र की दाईं कनपटी और सीने पर गोली मारी गई थी। सुबेंद्र के सिर पर बैट से भी वार किए जाने की बात सामने आई। हालांकि किसे कितनी गोली कहां मारी गई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा।
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घर में पड़ताल करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
हत्या, दो शादी और एक महिला से नजदीकी को ध्यान में रख जांच कर रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र पर उसके पिता व एक चौकीदार के साथ ही छोटे भाई व भाई की पत्नी की हत्या का आरोप था। ये घटनाएं वर्ष 1997 की हैं। इसी आरोप में राजेंद्र जेल भी गया था। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र ने दो शादी की थी। हाल के दिनों में एक अन्य महिला से भी उसकी करीबी बढ़ी थी। राजेंद्र की पहली पत्नी अपने बेटे के साथ कई साल से पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रहती है। इन्हीं सभी बिंदुओं को वारदात की वजह मान कर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस की 10 टीमें जांच कर रही हैं।
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नीतू गुप्ता, नवनेंद्र, सुबेंद्र और गौरांगी की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
एसओजी के साथ भेलूपुर और रोहनिया थाने की पुलिस घटना के खुलासे के लिए लगाई गई हैं। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंचेंगे। जो भी तथ्स सामने आएंगे, उसे आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त।
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