पांचवें चरण में 12 जिलों की 61 सीटों पर मतदान होना है।
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उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण का मतदान हो चुका है। 12 जिलों की 61 सीटों के 2.25 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वोटिंग खत्म होते ही 693 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। पिछले चार चरण की तरह इस चरण में भी चुनाव लड़ रहे कई विधायक ऐसे हैं जिनकी उम्र सामान्य तरीके से नहीं बढ़ी है। यानी, पांच साल में कोई चार साल, कोई आठ साल तो कोई 11 साल तक बढ़ गया है। कुछ तो ऐसे भी हैं जिनकी उम्र बढ़ने की जगह घट गई है। ऐसा हम नहीं बल्कि इन विधायकों की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे कह रहे हैं। आइये इन विधायकों के बारे में जानते हैं…
रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया 1993 से कुंडा सीट से लगातार जीत रहे हैं।
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राजा भैया 2017 में कुंडा सीट से निर्दलीय विधायक बने थे। इस बार वह अपनी बनाई पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के टिकट पर मैदान में हैं। सपा गठबंधन से गुलशन यादव उम्मीदवार हैं। गुलशन कभी राजा भैया के खास रहे हैं। भाजपा की ओर से सिंधुजा मिश्रा, बसपा से मोहम्मद फहीम और कांग्रेस से योगेश कुमार मैदान में है।
रानीगंज विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा 2017 में भाजपा के टिकट पर नौ हजार से अधिक वोट से जीते थे।
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प्रतापगढ़ जिले की रानीगंज सीट पर धीरज ओझा का मुकाबला सपा के आरके वर्मा, बसपा के अजय यादव और कांग्रेस के अब्दुल वाहिद से है।
सतीश चंद्र शर्मा 2017 में भाजपा के टिकट पर जीते थे।
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बाराबंकी जिले की दरियाबाद से जीते सतीश चंद्र शर्मा का मुकाबला सपा के अरविंद सिंह 'गोप’, बसपा के जगप्रसाद रावत और कांग्रेस की चित्रा वर्मा से है।
2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर राजमणि को जीत मिली थी। राजमणि इस बार भी भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं।
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प्रयागराज जिले की कोरांव सुरक्षित सीट पर राजमणि का मुकाबला सपा के राम देव, बसपा के राजबली जैसल और कांग्रेस के राम कृपाल से है।
प्रतीक भूषण सिंह 2017 में भाजपा के टिकट पर जीते थे।
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गोंडा सीट पर प्रतीक का मुकाबला सपा के सूरज सिंह, बसपा के मोहम्मद जकी और कांग्रेस की रमा कश्यप से है।
सुभाष त्रिपाठी पिछली बार पयागपुर से भाजपा के टिकट पर जीते थे।
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इस बार सुभाष त्रिपाठी का मुकाबला सपा के मुकेश श्रीवास्तव, बसपा की गीता मिश्रा और कांग्रेस के राना शिवम सिंह से है।
2017 में जमुना प्रसाद सरोज सोरांव सीट से भाजपा की सहयोगी अपना दल के टिकट पर जीते थे।
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प्रयागराज जिले की इस सीट पर जमुना प्रसाद सरोज का मुकाबला सपा की गीता पासी, बसपा के आनंद भारती और कांग्रेस के मनोज पासी से है।
हर्षवर्धन बाजपेयी 2017 में भाजपा के टिकट पर जीते थे।
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प्रयागराज जिले की इलाहाबाद उत्तरी सीट पर हर्षवर्धन का मुकाबला कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह, सपा के संदीप यादव और बसपा के संजय गोस्वामी से है।
कौशाबी जिले की मंझनपुर सुरक्षित सीट पर 2017 में लाल बहादुर भाजपा के टिकट पर जीते थे।
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मंझनपुर सीट पर लाल बहादुर का मुकाबला सपा के इंद्रजीत सरोज, बसपा की नीतू कनौजिया और कांग्रेस के अरुण विद्यार्थी से है। 2017 में लाल बहादुर ने चार बार के विधायक इंद्रजीत सरोज को चार हजार से अधिक वोट से हराया था। पिछली बार बसपा के टिकट पर लड़े इंद्रजीत सरोज इस बार सपा के टिकट पर मैदान में हैं।
2017 में भाजपा के टिकट पर जीते थे सकेंद्र प्रताप वर्मा।
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सकेंद्र का मुकाबला सपा के राकेश वर्मा, बसपा की मीता गौतम और कांग्रेस की उर्मिला पटेल से है।
2017 में भाजपा के टिकट पर जीते थे शरद अवस्थी।
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शरद अवस्थी का मुकाबला सपा के फरीद महफूज किदवई, बसपा के राम किशोर और कांग्रेस के ज्ञानेश शुक्ला से है।
2017 में भाजपा के टिकट पर जीते थे प्रभात कुमार वर्मा।
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प्रभात कुमार वर्मा का मुकाबला सपा के संजय कुमार, बसपा की निगार फातमा और कांग्रेस के रामप्रताप सिंह से है।