उन्नाव के नवाबगंज में सोमवार को घर से स्कूल के लिए निकली कक्षा नौ की छात्रा व बीएससी के छात्र के शव मंगलवार को एक ही रस्सी से फंदे पर लटके मिले। दोनों ने एक बाग में पेड़ के नीचे बाइक खड़ी कर रस्सी बांधी और एक-दूजे का हाथ थामकर फांसी लगा ली। किशोरी कानपुर के किदवई नगर और युवक पुरवा कोतवाली के मुर्तजानगर गांव का है। मृतक बचपन से ही मिश्रीगंज में मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। मिर्जापुर सुम्हारी गांव निवासी मोहनलाल रावत का 19 वर्षीय बेटा सौरभ बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके मामा बसंत की हमीरपुर रोड किदवई नगर, कानपुर में ससुराल है। मामा के साथ अक्सर सौरभ का कानपुर आना-जाना रहता था। मामा की ससुराल के पड़ोस में रहने वाले नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की 15 वर्षीय बेटी और कक्षा नौ की छात्रा से सौरभ की दोस्ती हो गई। परिजनों को भनक लगी तो छात्रा पर पाबंदी लगाई जाने लगी।
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फांसी पर झूले प्रेमी प्रेमिका
- फोटो : amar ujala
सोमवार को छात्रा स्कूल ड्रेस में सुबह आठ बजे घर से निकली। सौरभ भी ननिहाल से बाइक लेकर निकला। कानपुर में दोनों मिले और इधर-उधर घूमते रहे। देर शाम तक दोनों के घर न पहुंचने पर खोजबीन शुरू की।
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अस्पताल में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
छात्रा के पिता ने कानपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार सुबह दोनों के शव केवाना गांव निवासी हरी के बाग में लटके मिले। दोनों के परिजनों ने प्रेम प्रसंग की बात से खुद को अनजान बताया है।
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पोस्टमार्टम में रोते बिलखते परिजन
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घर में बड़ा था सौरभ, छात्रा थी इकलौती
सौरभ तीन भाई व बहनों में बड़ा था। छात्रा परिवार की इकलौती थी। सौरभ के नाना हेमराज ने बताया कि मंगलवार सुबह सौरभ बाइक लेकर घर से निकला था।
मौत की खबर सुन बदहवास हुए परिजन
- फोटो : amar ujala
उसने बताया था कि वह अपने दोस्तों से मिलने जा रहा है। शाम तक उसके न मिलने पर खोजबीन शुरू की। इसी बीच नवाबगंज चौकी की पुलिस उनके घर पहुंची और सौरभ व छात्रा के बारे में पूछा।