उन्नाव में असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में दोनों किशोरियों की मौत जहर से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब में जहर की जांच कराई जाएगी। मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में। दिनभर गांव में नेताओं का तांता लगा रहा।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
भीम आर्मी के लोगों ने हंगामा किया। शवों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने के लिए बुलाई गई जेसीबी का रास्ता ग्रामीणों ने रोक दिया। गुरुवार देर शाम तक दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गांव निवासी काजल (16) अपनी चचेरी बहन रोशनी (14) और भतीजी कोमल (12) के साथ बुधवार दोपहर तीन बजे खेतों से चारा लेने गई थीं।
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शाम साढ़े छह बजे तीनों खेतों में बदहवास हालत में पड़ी मिलीं थीं। सीएचसी में डॉक्टरों ने काजल और कोमल को मृत घोषित कर दिया था। रोशनी की सांसे चलते हुए कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने गुरुवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि किशोरियों की मौत जहर से हुई है। किशोरियों के शरीर पर किसी भी तरह की आंतरिक या बाहरी चोट नहीं पाई गई। चूंकि फोरेंसिक रिपोर्ट से जहर के बारे में पता चलेगा इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया है। उधर, गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। काजल के पिता सूरज ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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आखिर किसने और क्यों खिलाया जहर
ये बात तो साफ हो गई कि जहरीले पदार्थ से दो किशोरियों की मौत हुई और तीसरी की हालत गंभीर है। पुलिस पता कर रही है कि आखिर उन्हें जहरीला पदार्थ किसने और क्यों खिलाया। अभी की जांच में मृतक किशोरी के बहुत ही करीबी पर शक है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और वारदात के पीछे उसकी मंशा का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि पुलिस रंजिश के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
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इसलिए परिजन शक के दायरे में आए
जब किशोरी बदहवास मिली थीं तो सबसे पहले काजल का भाई सूरज उर्फ कल्लू वहां पहुंचा था। उसी ने सभी को सूचना दी थी। पुलिस के मुताबिक कल्लू ने ही कहा था कि तीनों किशोरियों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और एक ही दुपट्टे से गले कसे थे। पोस्टमार्टम में कल्लू के इस झूठ का पर्दाफाश हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गला और हाथ पैरे कसे जाने का एक भी निशान नहीं है। अब सवाल है कि कल्लू ने ये झूठी बात क्यों बोली। इसकी जांच जारी है। वो शक के दायरे में भी है।
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तीसरी की हालत गंभीर, जहर की पुष्टि
कानपुर रीजेंसी अस्पताल में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही रोशनी की हालत गंभीर है। उसके हालत में अभी तक कोई सुधार नहीं है। वह वेंटिलेटर पर है। पुलिस के मुताबिक इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि रोशनी में भी जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई है। जहरीला पदार्थ की जानकारी के लिए सैंपल लिया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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दिनभर लगा नेताओं का तांता, हंगामा
गांव में दिनभर नेताओं का तांता लगा रहा। भीम आर्मी से लेकर सपाई गांव में डेरा डाले रहे। एमएलसी सुनील सिंह साजन, सपा नेत्री अन्नू टंडन समेत अन्य नेता पहुंचे। भीम आर्मी के लोगों ने हंगामा भी किया। इस वजह से उनकी पुलिस से तीखी नोंकझोक भी हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी की वजह से किसी भी तरह से हालात बेकाबू नहीं हुए। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने घटना की सीबीआई जांच की मांग भी की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि मृतक किशोरियों के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी या आंतरिक चोट नहीं मिली है। न ही हाथ पैर और गला बंधे होने के साक्ष्य मिले हैं। जांच जारी है। छह टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। एचसी अवस्थी, डीजीपी, यूपी