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माखी में भी ढहा कुलदीप सेंगर का किला, दुष्कर्म पीड़िता का केस लड़ने वाले वकील के चाचा शिशुपाल सिंह जीते

Mon, 03 May 2021 06:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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प्रधान शिशुपाल सिंह - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में आजादी के बाद से अब तक सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर व उनके परिवार का ही कब्जा रहा। पहली बार गांव की प्रधानी भी सेंगर परिवार के हाथ से निकल गई।

 
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कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : अमर उजाला
सेंगर के प्रतिद्वंदी व दुष्कर्म पीड़िता का केस लड़ने वाले दिवंगत वकील के रिश्ते में चाचा शिशुपाल सिंह ने प्रधानी का चुनाव जीत लिया है। कुलदीप सेंगर के छोटे भाई की पत्नी गांव की निवर्तमान प्रधान हैं। किशोरी से दुष्कर्म के  मामले में तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर का गांव की ग्राम प्रधानी पर देश की आजादी के बाद से कब्जा रहा है।

 
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कुलदीप सेंगर व अतुल सिंह सेंगर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आरक्षण के चलते जब सेंगर परिवार का सदस्य चुनाव नहीं लड़ पाया तो किसी खास को मैदान में उतारकर जीत दर्ज कराई।  सेंगर के नाना बाबू वीरेंद्र सिंह 36 साल प्रधान रहे। 1987-88 में कुलदीप सेंगर प्रधान बने थे।

 

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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : PTI
2000 से 2010 तक कुलदीप की मां स्व. चुन्नी देवी प्रधान रहीं थीं। पिछले चुनाव में कुलदीप के छोटे भाई अतुल सिंह की पत्नी अर्चना सिंह प्रधान बनी थीं। इस बार सेंगर परिवार ने ग्राम पंचायत के चुनाव में खुलकर रुचि नहीं दिखाई।

 
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कुलदीप सेंगर, पत्नी संगीता सेंगर - फोटो : amar ujala
सेंगर परिवार के पुराने प्रतिद्वंदी शिशुपाल सिंह ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने 2218 मत हासिल कर अपने प्रतिद्वंदी राम मिलन को 894 वोट से हराया है। शिशुपाल दुष्कर्म पीड़िता के लिए न्याय की लड़ाई लड़कर कुलदीप सेंगर को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले दिवंगत अधिवक्ता महेंद्र सिंह के रिश्ते में चाचा हैं।
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