नवनिर्वाचित विधायक रामदुलार
- फोटो : अमर उजाला
सोनभद्र की चार सीटों में से दुद्धी सीट पर जीत भाजपा के लिए बेहद खास है। उत्तर प्रदेश की यह अंतिम विधानसभा सीट भाजपा के लिए हमेशा से चुनौती रही है। यह पहली सीट है, जहां आज तक भाजपा कमल खिलाने में नाकाम रही थी। इस बार शिष्य पर ही दांव लगाकर भाजपा ने न सिर्फ विजय का किला ढहा दिया, बल्कि बरसों से बनी जीत न मिलने की टीस भी खत्म की है।