एक झपकी हमेशा के लिए सात लोगों मौत की नींद सुला देगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। हादसे में सात की जान चली गई तो वहीं, चार अब भी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। बांसी-बस्ती एनएच पर स्थित कटया गांव के पास हुए हादसे को देखने के बाद राह से गुजरने वाला हर व्यक्ति वहां रुकने पर विवश था। वहीं, हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग पूरे दिन चर्चा करते रहे।
सुबह घटनास्थल पर मौजूद कटया और सोनवल गांव के कुछ ग्रामीण यह कहते दिखे कि हादसे का कारण झपकी थी। क्योंकि जब पुलिस रात में घटना स्थल पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाल रही थी तो उसमें एक युवक, जिसे थोड़ी कम चोट आई थी। वह बार-बार यही कह रहा था। बोलेरो में सवार सभी लोगों को नींद आ रही थी। गाड़ी रोककर मुंह धुलने की बात हुई। नींद में आई झपकी और जल्द घर पहुंचने की कोशिश में यह घटना घटित हुई। मौके पर मौजूद गांव वालों की भी जुबान पर यही लफ्ज थे कि जल्दबाजी और नींद में ही यह हादसा हुआ क्योंकि ट्रेलर सड़क के किनारे खड़ा था और सड़क भी रात में खाली थी। ऐसे में पीछे से आकर घुस जाना, यह नींद आने पर ही हो सकता है। एक झपकी ने सात लोगों की जान ले ली।