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Siddharthnagar Accident: सात लोगों की मौत बनकर आई थी झपकी, हादसे में बचे चार लोग भी लड़ रहे हैं जिंदगी से जंग

Mon, 23 May 2022 10:51 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
एक झपकी हमेशा के लिए सात लोगों मौत की नींद सुला देगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। हादसे में सात की जान चली गई तो वहीं, चार अब भी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। बांसी-बस्ती एनएच पर स्थित कटया गांव के पास हुए हादसे को देखने के बाद राह से गुजरने वाला हर व्यक्ति वहां रुकने पर विवश था। वहीं, हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग पूरे दिन चर्चा करते रहे।

सुबह घटनास्थल पर मौजूद कटया और सोनवल गांव के कुछ ग्रामीण यह कहते दिखे कि हादसे का कारण झपकी थी। क्योंकि जब पुलिस रात में घटना स्थल पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाल रही थी तो उसमें एक युवक, जिसे थोड़ी कम चोट आई थी। वह बार-बार यही कह रहा था। बोलेरो में सवार सभी लोगों को नींद आ रही थी। गाड़ी रोककर मुंह धुलने की बात हुई। नींद में आई झपकी और जल्द घर पहुंचने की कोशिश में यह घटना घटित हुई। मौके पर मौजूद गांव वालों की भी जुबान पर यही लफ्ज थे कि जल्दबाजी और नींद में ही यह हादसा हुआ क्योंकि ट्रेलर सड़क के किनारे खड़ा था और सड़क भी रात में खाली थी। ऐसे में पीछे से आकर घुस जाना, यह नींद आने पर ही हो सकता है। एक झपकी ने सात लोगों की जान ले ली।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
फंसे शव को निकालने में लगा आधा घंटा
रफ्तार तेज होने के कारण बोलेरो ट्रेलर में पीछे से जिस प्रकार से घुसी है। उससे देखकर यह अंदाजा लगा पाना मुश्किल था गति कितनी तेज रही होगी, क्योंकि ट्रेलर के पीछे का लोहे का इंगल तोड़ते हुए बोलेरो तीन से चार फीट अंदर घुस गई थी। बोलेरो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। पहले पुलिस कर्मियों ने शव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन जब सफल नहीं हुए तो क्रेन से गाड़ी को बाहर खिंचवाया। आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह पार्ट तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। खून और क्षत-विक्षत चेहरे देखने के बाद गांव के लोग पीछे हट गए। पुलिस कर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद एक-एक करके चार लोगों के शवों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेजवाया।
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
पुलिस के साथ ग्रामीणों ने भी दिखाई मानवता
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जोगिया कोतवाली पुलिस ने हादसे में बड़ी तत्परता दिखाई। एसएसबी जवानों ने पुलिस को सूचना दी तो जोगिया के प्रभारी कोतवाल राजेश कुमार शुक्ल टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो स्थानीय लोग जान बचाने में जुटे थे। सबसे पहले पीछे हिस्से में घायल पड़े लोगों को बाहर निकलवाया और पुलिस कर्मियों के साथ जिला अस्पताल भेजवा दिया। पुलिस की तत्परता से ही चार लोग समय से अस्पताल पहुंच पाए। अगर थोड़ी भी देरी हुई होती तो घायलों की स्थिति और गंभीर हो सकती थी। वहीं, जोगिया पुलिस के पहुंचने के कुछ ही देर बाद सदर थाने से भी पुलिस टीम पहुंच गई थी।



 

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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद पहुंचने लगे नेता
हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला अस्पताल पर नेताओं की भीड़ लगने लगी। दोपहर में सदर विधायक श्यामधनी राही के प्रतिनिधि सत्यप्रकाश राही, सांसद प्रतिनिधि सूर्यप्रकाश पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य नेता अस्पताल पहुंचे। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पर सांसद जगदंबिका पाल, शोहरतगढ़ से विधायक विनय वर्मा के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।

 
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सिद्धार्थनगर सड़क हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
अस्पताल पहुंचकर एसपी ने ली जानकारी
एसपी डॉ. यशवीर सिंह सुबह लगभग आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर घायल शुभम और उसके परिवार के लोगों से मिले। उनका हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह घटनास्थल पर कटया गांव पहुंचे। यहां जायजा लिया। इसके बाद क्षतिग्रस्त हाल में पड़ी बोलेरो को क्रेन से तत्काल हटवाया।
 
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