Meerut News: मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, शामली, सहारनपुर समेत पूरे वेस्ट यूपी में इस समय भयंकर गर्मी का दौर चल रहा है। तापमान 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दिनों प्रचंड गर्मी का दौर जारी है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरसती आग और धरती से उठती तपिश के कारण दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है। सुबह से ही सूरज की तेज किरणें शरीर को झुलसा रही हैं, और दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं (लू) हालात को और बिगाड़ रही हैं। इस भीषण गर्मी ने न केवल आम जनमानस को परेशान किया है, बल्कि पशु-पक्षियों को भी मुश्किल में डाल दिया है।
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तेज धूप ने झुलसाया।
- फोटो : अमर उजाला
गर्मी का आलम यह है कि न तो दिन में चैन है और न ही रात को सुकून मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं, और जो लोग किसी आवश्यक काम से बाहर निकल रहे हैं, वे भी गर्मी से बेहाल दिख रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने पशु-पक्षियों को भी परेशान कर दिया है, जिन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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गर्मी से परेशान युवती।
- फोटो : अमर उजाला
मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी: राहत की उम्मीद कम
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम. शमीम के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है। तापमान इसी तरह ऊंचा बना रह सकता है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। मौसम शुष्क बना रहेगा और तेज धूप के साथ गर्म हवाएं लोगों को परेशान करती रहेंगी।
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धूप से परेशान युवती।
- फोटो : अमर उजाला
बाजारों और सड़कों पर गर्मी का असर
गर्मी का सीधा असर बाजारों और सड़कों पर दिखाई दे रहा है। दोपहर में बाजारों में भीड़ काफी कम हो गई है और लोग धूप से बचने के लिए घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। इस भीषण गर्मी से सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और खुले में काम करने वाले अन्य लोगों को हो रही है।
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गर्मी से परेशान लोग।
- फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ीं
तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना और थकान जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों और क्लीनिकों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
बिजली और पानी की खपत में वृद्धि, जल संकट की आशंका
बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की खपत पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। कूलर, एसी और पंखों के लगातार चलने से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। वहीं, पानी की खपत बढ़ने से कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बनने लगी है।
विशेषज्ञों की सलाह: बचाव के उपाय अपनाएं
विशेषज्ञों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। ये सावधानियां गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने में सहायक होंगी। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है।