शामली के थानाभवन में एके-47, तेरह सौ कारतूस और चार मैगजीन के साथ गिरफ्तार पिंटू माजरा सियासत में वजूद बनाना चाहता था। जिला पंचायत के वार्ड 26 से सदस्य पद का चुनाव लड़ा, लेकिन हार मिली। चुनाव में हार के बावजूद पिंटू का नाम नेताजी पड़ गया।
भौराकलां थाना क्षेत्र के सदरुद्दीन नगर उर्फ माजरा गांव निवासी अनिल बालियान उर्फ पिंटू के पिता भोपाल सिंह गांव के निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। परिवार इसके बाद सामाजिक और किसान संगठन में सक्रिय हो गया। पिंटू ने अपना आवास मुजफ्फरनगर में बनाकर प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य शुरू किया, लेकिन वह राजनीतिक ख्वाहिशों को भी नहीं दबा पाया। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के मैदान में उतरा, लेकिन सियासी ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद तमंचे के साथ पकड़े जाने के कारण गिरफ्तार हुआ और जेल चला गया। इसके बाद उसके तार संजीव जीवा गैंग से जुड़ गए।