फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा नेता सुसाइड केस: मां के नहीं थम रहे आंसू, बिलखते हुए बोलीं- नहीं चाहिए चेयरमैनी-मेंबरी, मेरा लाल लौटा दो

Mon, 17 Apr 2023 03:22 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, शामली
विज्ञापन
1 of 8
विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
दीपक सैनी भाजपा के लिए समर्पित कार्यकर्ता था और वह पिछले निकाय चुनाव में 19 वर्ष की कम उम्र में ही भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़कर सभासद बना था। पार्टी से उसे बहुत लगाव था, लेकिन इस बार टिकट न मिलने पर वह दिल से आहत हुआ और उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बिलखती मां बार-बार एक ही बात कह रही है कि हमें चेयरमैनी और मेंबरी नहीं चाहिए, मेरा लाल वापस लौटा दो। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और मां के आंसू नहीं थम रहे हैं।

शामली जनपद में कांधला के मोहल्ला रायजादगान निवासी दीपक पर वर्तमान में भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में जिला शोध प्रमुख की जिम्मेदारी थी। वर्ष 2017 में पिछला निकाय चुनाव दीपक ने भाजपा के सिंबल पर वार्ड- तीन से लड़ा था। इस बार उसने चेयरमैन पद के लिए दावेदारी की, लेकिन पार्टी से उम्र कम होने की वजह से मना कर दिया गया। जिसके बाद दीपक ने वार्ड-एक से सभासद पद के लिए पार्टी को आवेदन दिया।
विज्ञापन

2 of 8
दीपक सैनी - फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि वार्ड तीन इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया था, इसी वजह से दीपक को चुनाव लड़ने के लिए अपना वार्ड बदलना पड़ा। रविवार को सूची जारी होने से पूर्व दीपक मंदिर में पूजा-पाठ करने की बात कहकर निकला था। वह मंदिर में था, तभी सूची जारी हो गई। इससे दीपक इतना क्षुब्ध हुआ कि उसने तभी बाजार से जहरीला पदार्थ खरीदा और घर आकर उसे पानी में मिलाकर पी गया। परिजन जब तक मेरठ के अस्पताल लेकर पहुंचे, उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

3 of 8
विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
दीपक की मां प्रेमलता ने बिलखते हुए बताया कि बेटा शाम को घर से मंदिर के लिए निकला था। बोला था कि मां खाना बना लेना, आकर खाऊंगा, सूची जारी होने वाली है। मुझे क्या मालूम था कि मेरा बेटा इस दुनिया से ही चला जाएगा। 

4 of 8
हंगामा करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
बड़े भाई संदीप ने बताया कि चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने के लिए वह पूरी मेहनत कर रहा था, लेकिन उम्र की वजह से ऐसा न हो पाने पर वह डिप्रेशन में चला गया था। परिवार ने भाजपा प्रत्याशी नरेश सैनी पर दीपक का टिकट कटवाने के आरोप लगाए।
विज्ञापन

5 of 8
शामली सुसाइड मामला। - फोटो : अमर उजाला
भूमि ठेके पर लेकर खेती करते हैं
दीपक सैनी के पिता भूरू सिंह ठेके पर भूमि लेकर खेती करते हैं। माता-पिता और बड़े भाई के अलावा तीन बहनें हैं। बड़ा भाई शादीशुदा है। दीपक सैनी की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन

6 of 8
हंगामा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
नगर पालिका के लिपिक को भिजवाया था जेल
आधार कार्ड के नाम बदलने वाले आवेदन में चेयरमैन के दस्तखत से हिंदू लड़की का नाम मुस्लिम कराए जाने का मामला दीपक ने उठाया था। इस मामले में चेयरमैन ने अपने फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की बात कही थी। जिसके बाद नगर पालिका लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और उसे जेल भेजा गया था।
विज्ञापन

7 of 8
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के चेयरमैन प्रत्याशी नरेश सैनी का कहना है कि दीपक बहुत मेहनती और पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता थे। उनकी मृत्यु का बहुत दुख है और परिवार के साथ संवेदनाएं हैं। कल ही उनके घर जाकर परिवार से मिला था। टिकट कटवाने की बात बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन

8 of 8
दीपक का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
मंडल अध्यक्ष रश्मिकांत जैन का कहना है कि दीपक सैनी का नाम पार्टी के प्रत्याशियों की प्रस्तावित सूची में भेजा गया था। नाम किस स्तर से कटा इसकी जानकारी नहीं है। दीपक के जाने से पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें