Shamli News: शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष ने इस्लाम धर्म अपना लिया और चांदनी नाम की युवती से निकाह कर लिया। चांदनी को जेल भेजा जा चुका है, जबकि आयुष ने कार्रवाई को गलत बताते हुए खुद अपनी मर्जी से धर्म बदलने की बात कही है।
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आयुष मलिक उर्फ रहमान उर्फ मौहम्मद अली की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शामली शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष उर्फ रहमान उर्फ मौहम्मद अली के धर्म परिवर्तन प्रकरण में पुलिस लगातार जांच कर रही है। मामले में मंगलवार को भी दिल्ली और कई स्थानों पर दबिश दी गई। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ नए तथ्य सामने आए हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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आयुष मलिक उर्फ रहमान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला है कि आयुष और चांदनी का निकाह दिल्ली की एक मस्जिद में कराया गया था। बताया जा रहा है कि शामली, लोनी और गाजियाबाद के कुछ धार्मिक व्यक्तियों द्वारा निकाह कराने से इंकार करने के बाद दिल्ली में निकाह संपन्न हुआ। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आयुष के संपर्क में शामली के अलावा मेरठ और दिल्ली के कुछ लोग भी थे। जिन लोगों ने निकाह कराया था, उनकी पहचान और वर्तमान ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आयुष इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न धार्मिक वीडियो देखता था। इसी क्रम में पाकिस्तान के इस्लामिक विद्वान डॉ. इसरार के वीडियो और उनसे जुड़े कुछ चैनलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि तीन लोगों की भूमिका की जानकारी मिली है, जिनके बारे में तथ्य जुटाए जा रहे हैं। दिल्ली में निकाह के दौरान भी शामली के एक उलमा ने सहयोग किया था। इसके अलावा जांच एजेंसियां मेरठ निवासी एक महिला की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा रही है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में नामजद और अन्य व्यक्तियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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चांदनी कुरैशी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आयुष नहीं आया सार्वजनिक रूप से सामने
मामले के सामने आने के बाद आयुष ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि उसने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है और उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। मंगलवार को भी दिनभर मीडिया और अन्य लोग उससे संपर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आयुष सुरक्षित है और अपने परिजनों के संपर्क में है।
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आयुष मलिक और चांदनी।
- फोटो : अमर उजाला
12 जून को महापंचायत की चेतावनी, प्रशासन सतर्क
इस प्रकरण को लेकर यशवीर महाराज ने 12 जून को शामली में महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि यदि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। महापंचायत की घोषणा के बाद पुलिस और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। आयोजकों का दावा है कि पंचायत में उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से भी लोग शामिल हो सकते हैं। उधर, हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आयुष के पिता देवराज मलिक ने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच होनी चाहिए और यदि कोई संगठित गिरोह सामने आता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस की गिरफ्त में चांदनी और उसका पिता।
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर भी छाया रहा मामला
आयुष धर्म परिवर्तन प्रकरण सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच की बात कह रहे हैं।
हुसैनपुर के थे डॉ. इसरार के पूर्वज
पुलिस जांच में यह जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान के इस्लामिक विद्वान डॉ. इसरार, जिनके वीडियो देखने की बात आयुष ने बताई थी, उनके पूर्वज मुजफ्फरनगर जनपद के हुसैनपुर गांव के निवासी थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि स्वतंत्रता संग्राम के समय उनकी जमीनें जब्त हो गई थीं। इसके बाद परिवार हरियाणा के हिसार क्षेत्र में जाकर बस गया था।
पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि डॉ. इसरार का ननिहाल बनत क्षेत्र में बताया जाता है। मामले की जांच कर रही टीम इन तथ्यों का सत्यापन करने में जुटी है। पुलिस ने हुसैनपुर और बनत क्षेत्र में पहुंचकर भी जानकारी जुटाई है। हालांकि, मौलाना इसरार की मौत हो चुकी है।