शाहजहांपुर में चार साल के बेटे को जहर देकर आत्महत्या करने वाले दंपती कर्ज और सूदखोरों से परेशान थे ही, उनके परिवार से भी रिश्ते ठीक नहीं थे। सुसाइड नोट से इसका खुलासा हुआ है। वहीं, सुसाइड नोट में जिन तीन सूदखोरों का नाम लिखा है, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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Shahjahanpur suicide case
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर में हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर और उनकी शिवांगी ने 13 पेज के सुसाइड नोट में सिलसिलेवार आत्महत्या करने की वजह को लिखा है। उन्होंने सूदखोरों के दबाव को बताया है, साथ ही परिवार की तरफ से मिली दुश्वारियों को भी लिखा है। पूरे नोट में उनकी जिंदगी और दिक्कतों का मर्म छिपा है। सचिन ग्रोवर के अपने भाइयों से संबंध बेहतर नहीं थे। इसका खुलासा उनके सुसाइड नोट में हुआ है।
सूदखोरों व कर्ज से परेशान होकर रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में मासूम बेटे को जहर पिलाकर सचिन ग्रोवर और उनकी पत्नी ने मंगलवार रात आत्महत्या कर ली थी। सचिन की सास ने मामले में तीन सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीनों पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और धमकाने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस को 13 पेज का सुसाइड नोट मिला है।
सचिन ने सुसाइड नोट में लिखा है कि लॉकडाउन में मेरे ऊपर बैंक का कर्ज हो गया था। ससुराल का घर, जेवर सब गिरवी पड़ गया था। नीलामी की नौबत आने पर सास, ससुर, साले और पत्नी ने साथ दिया, जबकि मेरी फैमिली ने नहीं। भाई गौरव ने ऐसा प्रेशर बनाया कि घर बिक जाए। उसके पास पूरी पावर थी घर बेचने की, क्योंकि घर उसके नाम पर था। माता जी भी उन्हीं की तरफ प्रभावित थीं।
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दंपती का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सचिन ने लिखा कि कर्जा होने के बावजूद हमें घर खरीदना पड़ा। इसके लिए लोन लेना पड़ा। इसकी मासिक किस्त एक लाख 20 हजार रुपये थी। इतना ही नहीं मेरी बीवी और बच्चे को क्यूं परेशान किया, उनका कोई लेनादेना नहीं था। सब मेरी बीवी पर दबाव बना रहे थे।
आरोपी विक्की बग्गा, देवांश खन्ना और शैंकी आनंद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शैकी आनंद का मेरी मौत में सबसे बड़ा हाथ
सुसाइड नोट में लिखा है कि शैकी आनंद जो मेरा दोस्त है, मेरी मौत और मेरे परिवार की मौत में उसका सबसे बड़ा हाथ है। मैं उससे ब्याज पर पैसा लेता था। 30 प्रतिशत महीने तक पे करता था। तीन गुना रुपया देने के बाद भी जब रियायत नहीं की तो मैं परेशान होता था। इस पर वह और कर्ज अपने दोस्तों से दिलवा देता था। बाद में वही प्रेशर बनाकर निकलवा भी लेता था। मेरी मजबूरी का फायदा बहुत आसानी से उठा रहा था। मेरे शैंकी से अच्छे संबंध थे। मुझे ऐसा कभी नहीं लगा कि ये मेरे पीछे सबको भड़काता है। मैंने सबके रुपये वापस किए, बावजूद इसके सबको भड़काया।
पत्नी के साथ कारोबारी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुसाइड नोट में लिखा है कि आर्थिक कमाई बढ़ाने के लिए मैं हरियाणा से शराब लाकर बेचता था, जिसका रुपया ये फाइनेंस करते थे। उन्होंने मुझसे से खूब रुपया कमाया। मेरी गलती पकड़े जाने पर मैंने दो महीने का समय मांगा तो मुझे मारते थे और परिवार को फंसाने की धमकी देते थे। मेरे रिश्तेदार, मेरी सास को फंसाने की धमकी दे रहे थे। दिल का दौरा पड़ने के बावजूद शैंकी ने समय नहीं दिया।
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परिजन से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाइयों में ठीक नहीं थे रिश्ते, सुसाइड नोट में सामने आए मतभेद
सचिन ग्रोवर का परिवार से मतभेद चल रहा था। इसलिए भूतल पर रहने वाली देवरानी ने मीडिया के सामने साफ कहा था कि वह पिछले चार महीने से दूसरी मंजिल पर रहने वाले सचिन के घर नहीं गईं। वह ही खाना खाने नीचे आते थे।
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पत्नी और बेटे के साथ कारोबारी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुसाइड नोट के पेज नंबर आठ पर सचिन ने लिखा कि मेरे बड़े भाई और चाचा ने बुरे समय में सबसे ज्यादा परेशान किया। मेरे पास सिम्पैथी में चाचा आए थे। मुझसे परेशानियां और तकलीफ सुनकर जाते थे कि वह मदद करेंगे। मेरे पिता जैसे होने का आश्वासन देते थे और बातें सुनकर सबको बताते थे। उन्हें भड़काते थे। अंत में लिखा कि भगवान मेरे भाई और चाचा को लंबी उम्र दे। मेरे खिलाफ दोनों ने झूठी अफवाहें उड़ाई कि मैं किसी का पैसा नहीं दूंगा।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सचिन ने सास संध्या मिश्रा, भाभी समेत कुछ लोागें का साथ देने के लिए शुक्रिया भी अदा किया। लिखा कि आपने मेरी लाइफ की सबसे बड़ी खुश दी। वहीं दूसरी ओर भाई का कहना है कि उसने सचिन की काफी मदद की। बैंक लोन का सेंटलमेंट भी उनके प्रयास से हुआ था।
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इन्हीं कमरों में लटके मिले थे पति-पत्नी के शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैंडराइटिंग का मिलान कराएगी पुलिस
सचिन-शिवांगी और उनके बेटे के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन बृहस्पतिवार की सुबह रोजा थाना की पुलिस एक बार फिर दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में उनके मकान पर पहुंची।उन्होंने शिवांगी के बंद कमरे में एक बार फिर से जांच की और दोनों के हाथ के लिखे पत्र भी कब्जे में लिए हैं। इसके जरिये हैंडराइटिंग का मिलान कराया जाएगा। घटना के बाद पुलिस ने दूसरी मंजिल पर बने कमरे में शिवांगी के कमरे को लॉक कर दिया था। परिजन को हिदायत दी थी कि उसे नहीं खोला जाए।
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मासूम के शव को ले लाते परिजन
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कई लोग हैं दंपती के आत्मघाती कदम के लिए जिम्मेदार
संध्या मिश्रा ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में दामाद सचिन और बेटी शिवांगी के आत्महत्या करने के मामले में भले शैंकी, विक्की और देवांग को नामजद किया हो, मगर इसके लिए कई जिम्मेदार हैं। यह बात सुसाइड नोट के आधार पर उन्होंने एफआईआर में भी कही है। नामजदों की तलाश में लगाई गई टीमें अब उन अज्ञात जिम्मेदारों का भी पता लगा रही हैं।
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दंपती और उनके बेटे का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिपोर्ट में संध्या मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी शिवांगी की शादी करीब आठ साल पूर्व दुर्गा इन्क्लेव कॉलोनी निवासी सचिन ग्रोवर के साथ की थी। दामाद ने अपने व्यवसाय के लिए शैंकी आनंद, विक्की बग्गा और देवांग खन्ना से ब्याज पर रुपये उधार लिए थे। बेटी व दामाद रुपयों की अदायगी करते-करते परेशान थे। तीनों बार-बार घर आकर बेटी व दामाद को प्रताड़ित करते थे। जब उनकी बेटी व दामाद ब्याज के रुपये अदा करने में असमर्थ हो गए तो सूदखोर उन्हें धमकाने लगे।
कहने लगे कि कहीं से भी रुपये लाकर दो। जब दामाद ने अपने भाई मोहित व परिवार के अन्य लोगों से मदद मांगी तो किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। इस प्रताड़ना से तंग आकर बेटी व दामाद ने कई पन्नों पर अपनी पूरी पीड़ा को लिखते हुए 26 अगस्त की रात अपने पुत्र फतेह को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। इसके बाद बेटी व दामाद ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।