फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ से बिगड़े हालात: शाहजहांपुर में दिल्ली हाईवे पर सैलाब... मेडिकल कॉलेज में भरा पानी; कई इलाके जलमग्न

Sat, 06 Sep 2025 01:24 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। शनिवार सुबह लखनऊ दिल्ली हाईवे पर बाढ़ का पानी बहने लगा। वहीं मेडिकल कॉलेज परिसर भी जलमग्न हो गया है। बाढ़ के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।  
विज्ञापन
1 of 11
शाहजहांपुर में बाढ़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर में गर्रा और खन्नौत नदियों की बाढ़ से स्थिति विकराल हो गई है। शनिवार सुबह लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बाढ़ का पानी बहने लगा है। हालांकि हाईवे पर अभी आवागमन बंद नहीं हुआ है। बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है, जिससे दोपहर बाद तक स्थिति और बिगड़ सकती है। शुक्रवार को निचले इलाकों को बाढ़ के पानी ने चपेट में ले लिया था। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर तक पानी पहुंच गया। प्रशासन ने शनिवार को एक फुट पानी बढ़ने की संभावना जताई है। शहर के कई निचले इलाके हैं। बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। पानी से घिरे घरों के लोग छत पर समय काट रहे हैं। कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। प्रशासन की टीमें लगातार राहत बचाव के कार्य में जुटी हैं। 

यह भी पढ़ें- Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में 20 लोगों से भरी नाव शारदा नदी में पलटी, बाढ़ में बह गए पिता-पुत्री
 
विज्ञापन

2 of 11
दिल्ली हाईवे पर बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली हाईवे पर आया पानी
गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से शनिवार सुबह लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी आ गया। इससे बरेली मोड़ के आगे काफी इलाका जलमग्न हो गया है। इसके चलते हाईवे पर धीमी गति से वाहनों को गुजारा जा रहा है।
विज्ञापन

3 of 11
उफान पर बह रही गर्रा नदी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगातार जलस्तर बढ़ने से तमाम निचले स्थानों पर गांव व मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। सड़क किनारे की दुकानों में पानी भर गया है। वहीं निर्माणाधीन लखनऊ-पलिया हाईवे पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इस मार्ग पर अभी वाहन नहीं चलते हैं।

4 of 11
मेडिकल कॉलेज में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम तक ओपीडी में भर सकता है पानी 
राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास नहर ओवरफ्लो होने से पानी तेजी से बढ़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज परिसर में ओपीडी के करीब पानी पहुंच चुका है। संभावना है कि शाम तक ओपीडी व भूतल में जलभराव हो जाएगा। 
विज्ञापन

5 of 11
मेडिकल कॉलेज की ऊपरी मंजिल पर रखी गई मशीनें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ की आशंका पर डायलिसिस यूनिट के पास से ओपीडी के बाहर तक पहुंचने पर प्राचार्य ने करीब 100 मरीजों को प्रथम तल से दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया है। कई मरीजों की छुट्टी भी कर दी गई है। 
विज्ञापन

6 of 11
दिल्ली हाईवे पर बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीते वर्ष बाढ़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुए नुकसान से सबक लेते हुए अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे समेत अन्य कीमती मशीनों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया है। फिक्स मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए गेट पर ईंट की दीवार बनवाई गई हैं, जिससे पानी प्रवेश नहीं कर सके।
विज्ञापन

7 of 11
निचले इलाके में पानी से घिरे घर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ के पानी से घिरे गांव
उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के बांधों-बैराजों से काफी मात्रा में पानी की निकासी जारी रहने से जिले से होकर बहने वाली गंगा, रामगंगा समेत सहायक नदियों में उफान आ गया है। जलालाबाद से मिर्जापुर और अल्हागंज तक करीब चार दर्जन गांवों में बाढ़ की आपदा विकराल हो गई। 

8 of 11
ककरा रोड पर बह रहा बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं गर्रा और खन्नौत
शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों में उफान बढ़ने से दोनों नदियां शुक्रवार को सुबह खतरे के निशान से दस सेमी ऊपर पहुंच गईं। बीते 24 घंटों के दौरान गर्रा का जलस्तर 85 सेमी बढ़कर 149.00 मीटरगेज और खन्नौत का जलस्तर 40 सेमी बढ़कर 145.85 मीटरगेज हो गया।

9 of 11
सुभाषनगर में बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार पीलीभीत के ड्यूनी डाम से गर्रा में पानी की निकासी 2123 क्यूसेक घटकर 22413 क्यूसेक हो गई है, लेकिन कठिना से गर्रा नदी में जा रहा पानी 5500 क्यूसेक से बढ़कर 30000 क्यूसेक हो गया है। पीलीभीत की खखरा नदी का 34000 क्यूसेक पानी भी गर्रा में आ रहा है। इसलिए इन दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है।

10 of 11
कॉलोनी में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रामगंगा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर
शुक्रवार को कलान के भैंसार बांध पर गंगा खतरे के निशान के करीब तो अल्हागंज क्षेत्र में डबरी घाट पर रामगंगा खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंच गई। इससे जलालाबाद से मिर्जापुर और अल्हागंज तक करीब चार दर्जन गांवों में बाढ़ की आपदा की चपेट में आ गए। 
विज्ञापन

11 of 11
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गर्रा और खन्नौत नदी 15 से 20 सेमी तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अनुमान है कि शनिवार को एक फुट पानी और बढ़ जाएगा। निचले इलाके के लोगों को जागरूक कर रहे हैं। 24 घंटे बाद स्थिति में सुधार आने की संभावना है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें