शाहजहांपुर में सूदखोरों के चंगुल में फंसे हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर ने अपने मासूम बेटे को जहर देने के बाद पत्नी के साथ खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में मृतक सचिन की सास ने तीन सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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Shahjahanpur suicide case
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर में सूदखोरों व कर्ज से परेशान होकर रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी में मासूम बेटे को जहर पिलाकर दंपती के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने तीन सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीनों पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और धमकाने का आरोप है। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि सचिन ग्रोवर की सास की ओर से दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में पांच टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।
हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर की सास संध्या मिश्रा की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि दामाद सचिन ग्रोवर ने अपने हैंडलूम व्यवसाय के लिए थाना सदर बाजार क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी निवासी शैंकी आनंद, विक्की बग्गा और चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौक निवासी देवांग खन्ना से ब्याज पर रुपये उधार लिए थे। ये तीनों मनचाहा ब्याज वसूलते थे।
इसी मकान में रहते थे दंपती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संध्या मिश्रा ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपी बेटी व दामाद को प्रताड़ित करने के साथ बेइज्जती करने की भी धमकी देते थे। इसी से परेशान होकर बेटी शिवांगी व दामाद सचिन ने चार साल के अपने बेटे फतेह को जहर पिलाने के बाद फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। बुधवार सुबह दंपती के शव कमरे में लटके मिले थे। मासूम का शव बेड पर पड़ा मिला था।
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परिजन की गोद में मासूम का शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात एक-दो बजे के बीच उठाया आत्मघाती कदम
बुधवार की दोपहर करीब एक बजे सबसे पहले चार साल के बच्चे फतेह का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद करीब दो बजे शिवांगी और फिर तीन बजे सचिन का पोस्टमॉर्टम किया गया। बताया जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम होने से करीब 13-14 घंटे पहले की घटना है। इससे साफ है कि दंपती ने रात एक-दो बजे के बीच घटना को अंजाम दिया है।
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घटना के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कई लोग हैं जिम्मेदार
संध्या मिश्रा ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में दामाद सचिन और बेटी शिवांगी के आत्महत्या करने के मामले में भले शैंकी, विक्की और देवांग को नामजद किया हो, मगर इसके लिए कई जिम्मेदार हैं। यह बात सुसाइड नोट के आधार पर उन्होंने एफआईआर में भी कही है। नामजदों की तलाश में लगाई गई टीमें अब उन अज्ञात जिम्मेदारों का भी पता लगा रही हैं।
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दंपती का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिपोर्ट में संध्या मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी शिवांगी की शादी करीब आठ साल पूर्व दुर्गा इन्क्लेव कॉलोनी निवासी सचिन ग्रोवर के साथ की थी। दामाद ने अपने व्यवसाय के लिए शैंकी आनंद, विक्की बग्गा और देवांग खन्ना से ब्याज पर रुपये उधार लिए थे। बेटी व दामाद रुपयों की अदायगी करते-करते परेशान थे। तीनों बार-बार घर आकर बेटी व दामाद को प्रताड़ित करते थे।
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मासूम बेटे फतेह का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटे को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिलाया
संध्या ने बताया कि उनकी बेटी व दामाद ब्याज के रुपये अदा करने में असमर्थ हो गए तो सूदखोर उन्हें धमकाने लगे। कहने लगे कि कहीं से भी रुपये लाकर दो। जब दामाद ने अपने भाई मोहित व परिवार के अन्य लोगों से मदद मांगी तो किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। इस प्रताड़ना से तंग आकर बेटी व दामाद ने कई पन्नों पर अपनी पूरी पीड़ा को लिखते हुए 26 अगस्त की रात अपने पुत्र फतेह को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। इसके बाद बेटी व दामाद ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
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मकान के बाद जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूदखोरों को लेकर लोगों में नाराजगी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सूदखोरों पर अपना गुस्सा जाहिर किया। लोगों का यह भी कहना है कि ऐसी घटनाओं में कुछ दिन ही मामला चलता, फिर शांत हो जाता है। अगर एक बार ठीक कार्रवाई हो जाए तो बड़ी घटना नहीं होगी।
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दंपती का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसओजी व सर्विलांस समेत पांच टीम गठित
दंपती व उनके बेटे की मौत के मामले में एसपी राजेश द्विवेदी ने एसओजी व सर्विलांस समेत पांच टीमें गठित की हैं। पुलिस टीमों ने नामजद आरोपियों की तलाश में दबिशें दी हैं। चर्चा है कि पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
कार वापस नहीं मिली
शिवांगी के नाम पर दर्ज कार को सूदखोर ने सरेराह सचिन से छीन लिया था। उनकी मौत के बाद भी परिवार को कार वापस नहीं मिली है। बृहस्पतिवार को भाई ने स्पष्ट किया कि दोस्त बनकर रोज मिलने आने वाले नजर नहीं आए। सूदखोर ही रोज ब्याज वसूलने के लिए आते थे।