परचून की दुकान से सफर शुरू करने वाला हाजी इकबाल करोड़ों की संपत्ति के मालिक हो गया। लेकिन जब उसकी पोल खुलनी शुरू हुई तो मुश्किलें बढ़ती चली गईं। हाजी इकबाल के खिलाफ कई थानों में दर्ज मताम मामलों में कार्रवाई शुरू हुई तो पूरे शहर में हड़कंप मच गया।
बता दें कि पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की कई सौ करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया जा चुका है। हाजी इकबाल के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। फिलहाल हाजी इकबाल फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
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खनन माफिया हाजी इकबाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।
- फोटो : amar ujala
बताया गया परचून की दुकान चलाने के दौरान हाजी इकबाल ने मधुमक्खी के छत्ते तोड़कर शहद बोतलो में भरकर बेचने का काम भी किया। उसके बाद जंगलों से चोरी से कटवाकर खैर तस्करी का धंधा किया।
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हाजी इकबाल
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इसके बाद खनन का कार्य शुरू किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने साझीदारों को धीरे-धीरे अलग करते हुए सारा खनन का कार्य अपने हाथ में ले लिया। हाजी इकबाल ने खनन का मोटा कारोबार शुरू कर दिया।
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हाजी इकबाल की संपत्ति जब्त।
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बताया गया कि शुरू से ही बीएसपी में रहकर मायावती का नजदीकी रहा और इस बात का फायदा उठाता रहा। वहीं सपा कार्यकाल में भी खनन का कारोबार इकबाल के पास ही रहा। इस दौरान उसने अकूत संपत्ति कमाई।
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हाजी इकबाल की कोठी पर ताला लगा मिला।
- फोटो : amar ujala
इसके बाद हाजी इकबाल ने सहारनपुर सहित कई जिलों में संपत्तियां खरीदीं। वहीं मिर्जापुर के पास लोगों से औने-पौने दाम में कई हजार बीघे जमीन खरीदकर ग्लोकल यूनिवर्सिटी बनाई। बसपा शासनकाल में चीनी मिले खरीदने के बाद मामला चर्चा में आया।