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यूपी की सबसे बड़ी कार्रवाई: खनन माफिया हाजी इकबाल की 21 करोड़ की संपत्ति कुर्क, प्रशासन ने लिया कब्जा

Mon, 02 May 2022 01:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
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हाजी इकबाल - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के पुलिस-प्रशासन की टीम ने मिर्जापुर पहुंचकर खनन माफिया और पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 21 करोड़ की बेनामी संपत्ति कुर्क की है। यह संपत्ति हाजी इकबाल के नौकर नसीम के नाम पर थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर गैंगस्टर लगाई थी, जिसमें नसीम और गांव रायपुर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख राव लईक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि राव लईक को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है और वह जेल से बाहर हैं। पुलिस-प्रशासन की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है। 

 रविवार की देर शाम पौने आठ बजे पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने जब्तीकरण की कार्रवाई की। हालांकि अंधेरा होने की वजह से जब्त की गई संपत्ति पर सरकारी बोर्ड नहीं लगाए जा सके, जिन्हें पुलिस-प्रशासन की टीम सोमवार की सुबह लगाने पहुंची। इसके लिए टीम लाउड स्पीकर और ढोल के साथ पहुंची। मुनादी कराने के बाद अधिकारियों की उपस्थिति में प्रशासन ने संपत्तियों पर कब्जा लेना शुरू किया। शाहपुर गाड़ा में मुनादी कराकर पुलिस प्रशासन व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने खसरा नंबर 178, 179, 180 पर बोर्ड लगाया।
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हाजी इकबाल - फोटो : amar ujala
इस मामले में एसपी देहात सूरज राय ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि हाजी इकबाल की 21 करोड़ की 50 बेनामी संपत्ति कुर्क की गई है। हाजी इकबाल के मिर्जापुर निवासी नौकर नसीम के नाम पर मिर्जापुर और बेहट क्षेत्र में बेनामी संपत्ति थी। इन बेनामी संपत्तियों को चिह्नित किया गया था, जिनमें 600 बीघा जमीन भी शामिल है।

गैंगस्टर एक्ट 14 (1) के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई की गई है। खनन माफिया हाजी इकबाल ने अपने करीबी नौकर नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर को बेनामी संपत्ति का मालिक बना रखा था। हाजी इकबाल ने नसीम को लखीमपुर खीरी, गोरखपुर और सीतापुर की चीनी मिलों का डायरेक्टर भी बनाया हुआ है। इसके अलावा उसके पास गोल्डन एग्रीकल्चर के नाम से 600 बीघा जमीन थी, जो मिर्जापुर क्षेत्र के ही शाहपुर गाड़ा, फतेहपुर टांडा व सफीपुर गांव में स्थित है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में नसीम को 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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हाजी इकबाल - फोटो : amar ujala
एसआईटी की जांच में हुआ था खुलासा 
एसपी देहात सूरज राय ने बताया कि एसआईटी की जांच के उपरांत हाजी इकबाल द्वारा अपने नौकर के नाम की 50 बेनामी संपत्ति का पता चला था, जिनकी कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है। हाजी इकबाल सहित आरोपियों पर गैंगस्टर भी लगी है।

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हाजी इकबाल - फोटो : amar ujala
अवैध रूप से अर्जित की संपत्ति, इन पर लगी थी गैंगस्टर  
हाजी इकबाल, उसके पुत्रों व साथियों पर लकड़ी तस्करी, अवैध खनन और लोगों को डरा धमकाकर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। पुलिस की ओर हाजी इकबाल उर्फ बाला पुत्र अब्दुल वहीद, इकबाल के पुत्र अब्दुल वाजिद, जावेद, मो. अफजाल, अलीशान निवासीगण ग्राम मिर्जापुर पोल और साथी राव लईक पुत्र सईद अहमद निवासी गांव रायपुर व मिर्जापुर निवासी नौकर निवासी नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ को गैंगस्टर में निरूद्ध किया था। एसपी देहात सूरज राय ने बताया कि गैंग लीडर हाजी इकबाल है। 
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हाजी इकबाल - फोटो : amar ujala
हाजी इकबाल, उसके पुत्रों और साथियों पर हैं कई मामले दर्ज
एसपी देहात सूरज राय ने बताया कि हाजी इकबाल और उसके पुत्रों, नौकर नसीम और अन्य साथियों पर कई मामले दर्ज हैं। इनमें लकड़ी तस्करी, अवैध खनन, भूमि कब्जाने, लोगों को डराने धमकाने के आरोप में केस दर्ज हैं। 
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जानकारी देते अधिकारी - फोटो : amar ujala
राव लईक को मिल चुकी है जमानत 
पूर्व ब्लॉक प्रमुख राव लईक को पुलिस ने 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। राव लईक को चार दिन पूर्व ही न्यायालय से जमानत मिल गई थी और वह जेल से बाहर आ गया था, जबकि नौकर नसीम अभी जेल में बंद है। 

खनन माफिया हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति कुर्क की गई है, जिसकी कीमत 21 करोड़ से अधिक है। हाजी इकबाल के  नौकर नसीम के नाम पर संपत्ति थी। देर शाम कार्रवाई की गई है। कुर्क की गई संपत्ति पर सोमवार की सुबह सरकारी बोर्ड लगा दिए गए। -आकाश तोमर, एसएसपी 
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