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बेखबर पुलिस व खुफिया तंत्र: कैसे UP का टांडा बना सोना तस्करी का गढ़? हर साल 200 करोड़ से अधिक का गोल्ड का धंधा

Tue, 27 May 2025 07:38 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टांडा (रामपुर)

सार

इस काली कमाई के जरिए आरोपी तस्कर कस्बे में ऊंची-ऊंची कोठियां और जमीन खरीद रहे हैं। पेट में सोना छिपाकर लाने में एक युवक की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद तस्करों ने इस धंधे को बंद नहीं किया और न ही पुलिस इन्हें पकड़ पाई। 
 
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पकड़े गए सोना तस्कर - फोटो : अमर उजाला
यूपी के रामपुर जिले का टांडा कस्बा सोने की तस्करी का गढ़ बन गया है। हर साल यहां के लोग 200 करोड़ रुपये से अधिक का सोना अवैध रूप से विदेश से लेकर आ रहे हैं। इस धंधे में टांडा और उसके आसपास के गांव के युवा, फाइनेंसर, डॉक्टर भी शामिल हैं। इस काली कमाई के जरिए आरोपी तस्कर कस्बे में ऊंची-ऊंची कोठियां और जमीन खरीद रहे हैं। पेट में सोना छिपाकर लाने में एक युवक की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद तस्करों ने इस धंधे को बंद नहीं किया और न ही पुलिस इन्हें पकड़ पाई। 
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मुरादाबाद में सोना तस्करी के आरोेपी - फोटो : अमर उजाला
जा चुकी है एक तस्कर की जान
इसकी नतीजा यह है कि हर साल इस गिरोह में सदस्यों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस गिरोह से जुड़े एक युवक की फरवरी माह में पेट में दर्द होने से मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि उसके पेट में सोना भरा हुआ था। ऑपरेशन के दौरान बाहर निकालने की कोशिश में उसकी जान चली गई। यह घटना पूरे टांडा क्षेत्र में तस्करी के धंधे को उजागर करती है। इतना ही नहीं, पिछले साल एक अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर टांडा क्षेत्र के 36 युवक विदेशी सिगरेट और पेट में छिपाए गए सोने के साथ पकड़े गए थे। पूछताछ में पता चला कि अधिकतर आरोपी पहले भी तस्करी कर चुके थे। अगले ही दिन 29 युवकों की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर कस्टम की हिरासत से फरार हो गए थे। 
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मुरादाबाद में सोना तस्करी का खुलासा - फोटो : संवाद
सिगरेट और गुटखा भेजते हैं विदेश
इनके अलावा टांडा के तारिक और उसके तीन साथियों से मिलक क्षेत्र में सोना लूटा गया था। शुरुआत में मामला छिपाया गया, लेकिन पुलिस ने पांच लुटेरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि तस्करों को डर था कि पुलिस में रिपोर्ट करने से कहीं तस्करी का राज न खुल जाए, जिसका फायदा लुटेरों ने उठाने की कोशिश की थी। इनके अलावा गिरोह के कुछ लोग सिगरेट और गुटखा विदेश भेजते हैं और वहां से सोना मंगाकर भारत में खपाते हैं। यह सारा नेटवर्क संगठित तरीके से चलता है। कई बेरोजगार युवा भी लालच में आकर इस धंधे में शामिल हो जाते हैं। माना जा रहा है कि टांडा और उसके आसपास सक्रिय यह गिरोह हर साल 200 करोड़ से ज्यादा कीमत का सोना अवैध रूप से विदेशों से ला रहा है।

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सोना तस्करी - फोटो : संवाद
पुलिस ने टांडा में मारा छापा, दो सगे भाई हिरासत में
सोना तस्करी के मामले में मुरादाबाद और रामपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने टांडा कस्बे के हाजीपुरा मोहल्ले में रविवार की देर रात छापा मारकर गिरोह से जुड़े दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया है। पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई है। मुरादाबाद और रामपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने टांडा कस्बे के मोहल्ला हाजीपुरा में रविवार की रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने एक मकान में दबिश दी और दो सगे भाइयों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि यह दोनों न केवल अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह से जुड़े हैं, बल्कि हाईवे पर हालही में हुए अपहरण व लूटकांड में भी इनकी भूमिका बतौर मुखबिर भी हो सकती है। इस कार्रवाई से इलाके में अफरा तफरी मच गई। देर रात बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती और इलाके की घेराबंदी से लोग दहशत में आ गए। हालांकि, पुलिस ने मौके पर कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया और पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा है।
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मुरादाबाद में सोना तस्करी का खुलासा - फोटो : संवाद
टूरिस्ट वीजा पर तस्करों को भेजा गया था दुबई
अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी का गिरोह संचालित कर रहे फाइनेंसरों ने चारों तस्करों को टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेजा था। यह तस्कर अलग-अलग तारीख में दुबई गए और अलग-अलग तारीख में ही वापस आए। इसके बाद सभी मुंबई में इकट्ठे हुए और वहां से एक साथ टांडा लौट रहे थे।
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मुरादाबाद पुलिस हिरासत में सोना तस्करी के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
कोई 10 तो कोई 15 बार कर चुका है दुबई और सऊदी का सफर
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी शाने आलम पांच माह में पांच बाद दुबई जा चुका है। वह 19 मई को दुबई गया था और 22 मई को दुबई से मुंबई आया था। इसके अलावा मुत्तलिब दस बार दुबई जा चुका है। इस बार 17 मई को दुबई गया और 21 मई को दुबई से लौटा था। इसके बाद वह मुंबई से दिल्ली तक फ्लाइट से आया था। अजहरुद्दीन नौ बार दुबई जा चुका है। वह 19 मई को दुबई गया और तीन दिन बाद ही 22 मई को लौट आया। जुल्फेकार दो साल में 20 बार दुबई जा चुका है। अंतिम बार वह 19 मई को दुबई गया था और वहां से 23 मई को फ्लाइट से मुंबई और मुंबई से दिल्ली पहुंचा था।
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मुरादाबाद में सोना तस्करी से जुड़े आरोपी - फोटो : संवाद
पुलिस ने इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से ली यात्रा की जानकारी
पुलिस ने आरोपियों की यात्रा की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस ने इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से संपर्क किया। एयरपोर्ट पर तैनात रहने वाले एमिग्रेशन डिपार्टमेंट की चौकियां हैं। यह विभाग यात्रा करने वालों का पूरा रिकार्ड अपने पास रखता है। इसके अलावा पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर कस्टम विभाग को भेज रही है। हालांकि, कस्टम विभाग की टीम भी जांच करके चली गई है। ब्यूरो

एलआईयू ने शुरू की वीजा की जांच
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि सोना तस्करों से पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने कई बार यात्रा की है। एक-एक व्यक्ति ने इतनी बार कैसे यात्रा की है। इनके वीजा की जांच के लिए एलआईयू को लगाया गया है।

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