श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। बुधवार को प्रतापगढ़ पहुंचीं चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से करीब तीन हजार मजदूर पहुंचे। गर्मी से श्रमिकों को बुरा हाल था। स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग और भोजन-पानी मुहैया कराने के बाद सभी को रोडवेज की बसों से उनके गृह जनपद रवाना किया गया।
विज्ञापन
2 of 5
pratapgarh
- फोटो : pratapgarh
बुधवार को सूरत से तीन और मुंबई के थाणे से एक ट्रेन प्रतापगढ़ पहुंची। इन ट्रेनों से करीब तीन हजार श्रमिक आए। स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार पहले से प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौजूद थी। ट्रेनों के पहुंचने के बाद मजदूरों को जिलेवार बोगियों से उतारा गया। बाहर निकलने पर सभी का सामान सैनिटाइज किया गया।
विज्ञापन
3 of 5
pratapgarh
- फोटो : pratapgarh
थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद भोजन और पानी दिया गया। इसके बाद रोडवेज की बसों से सभी को उनके गृह जनपद भेजा गया। श्रमिकों के बाहर निकलने के बाद रेलवे सफाई स्टाफ ने प्लेटफार्म, ट्रेनों को सैनिटाइज किया।
4 of 5
pratapgarh
- फोटो : pratapgarh
अंदर जीआरपी, आरपीएफ और बाहर पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था। चेकिंग स्टाफ सीआईटी आरबी सिन्हा के नेतृत्व में प्लेटफार्म पर मुस्तैद रहा।
भैया हम लोगों के लिए भी कुछ हो तो दे दीजिए..। दो दिन से कुछ खाने को नहीं मिला है..अगर बिस्किट और पानी मिल जाता तो राहत मिल जाती... तीन बच्चे हैं, दूध मिल जाए तो उनकी भूख शांत हो जाएगी। रास्ते में पानी भी नहीं मिला...। बुधवार को थाणे महाराष्ट्र से आए श्रमिक बच्चा बैंक के स्टाल पर टूट पड़े। बच्चों के लिए स्टॉल पर रखे गए टॉफी, बिस्किट और पानी उठाकर ले जाने लगे। देखते ही देखते 15 लीटर दूध, सैकड़ों पैकेट बिस्किट और पानी खत्म हो गया।