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Pratapgarh: रुपये न देने पर प्रसव पीड़िता को आपरेशन थियेटर से निकाला, सड़क पर तड़पती रही महिला, बच्चे की मौत

Sun, 17 May 2020 07:30 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh
जिले में एक बार फिर धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक की करतूत से मानवता शर्मसार हुई। शहर के चारू नर्सिंगहोम में रुपये न देने पर प्रसव पीड़िता को आपरेशन थियेटर से बाहर निकाल दिया गया। दर्द से महिला तड़पती रही, लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा।

करीब आधे घंटे तक प्रसव पीड़िता रात में सड़क पर दर्द से चीखती-चिल्लाती रही। सूचना के बाद सीओ सिटी व सीएमओ मौके पर पहुंचे। इस बीच एक निजी अस्पताल के संचालक ने पीड़िता की मदद को हाथ बढ़ाया। उसे अपने अस्पताल ले गए। वहां बच्चे की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़िता के पति की शिकायत पर पुलिस ने नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मानधाता थाना क्षेत्र के मदईपुर पुरैला की रहने वाली पुष्पा मौर्या पत्नी उमेश कुमार मौर्या को शनिवार की रात प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस से उसे लेकर परिजन मानधाता सीएचसी गए, जहां हालत गंभीर देख स्वास्थ्यकर्मियों ने महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। चूंकि पुष्पा को पीड़ा हो रही थी।
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एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
इसलिए बलीपुर में स्थित चारू नर्सिंगहोम में परिजन उसे लेकर चले गए। परिजनों के अनुसार नर्सिंगहोम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी उसे आपरेशन थियेटर के अंदर ले गए। उनसे सात सौ रुपये जमा कराए। बाद में और रुपये की मांग की गई।

इस पर घरवालों ने उपचार जारी रखने और घर से रुपये लाकर देने की बात कही। आरोप है कि करीब आधे घंटे तक ओटी में रखने के बाद प्रसव पीड़िता को स्ट्रेचर समेत बाहर निकाल दिया गया। असहनीय पीड़ा से महिला सड़क पर तड़पती रही।

सड़क पर महिलाओं के चीखने-चिल्लाने का भी कोई असर अस्पताल संचालक पर नहीं पड़ा। इस बीच उधर से गुजर रहे सीओ सिटी अभय पांडेय महिलाओं को सड़क पर रोते देख रुक गए। थोड़ी देर में सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव भी पहुंच गए। वह भी अस्पताल संचालक से बात करने में असमर्थ नजर आए।

पुलिसकर्मियों ने इस बीच एक प्राइवेट अस्पताल संचालक की एंबुलेंस में पीड़िता को बैठाकर दहिलामऊ भेजा। वहां उसके बच्चे की मौत हो गई। जच्चा की हालत गंभीर बनी है। इस मामले में उमेश की तहरीर पर पुलिस ने चारू नर्सिंगहोम के संचालक डा. अतुल श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

उधर, चारू नर्सिंगहोम के संचालक सफाई देते रहे कि उनके पास गर्भवती महिला को लेकर कोई नहीं आया था। गेट से ही सभी को लौटा दिया गया। नगर कोतवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई भी होगी।
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एंबुलेंस। - फोटो : अमर उजाला।

पुलिस की मौजूदगी में महिला के परिजनों को देता रहा धमकी

चारू नर्सिंगहोम गेट के बाहर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को राहत सीएमओ के आने के बाद भी नहीं मिली। महिला की जान बचाने के लिए पुलिस उसे अस्पताल ले जाने लगी। इस बीच सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव पहुंच गए। आरोप है कि पुलिस व सीएमओ के सामने भी डाक्टर गर्भवती महिला के परिजनों को धमकाता रहा।

डीएम ने बैठाई नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ जांच

जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने गर्भवती महिला को आपरेशन थियेटर से बाहर निकालने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले में जांच बैठा दी है। डीएम ने सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट दें। ताकि दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

नर्सिंगहोम संचालक का विवादों से पुराना नाता

चारू नर्सिंगहोम संचालक डा. अतुल कुमार श्रीवास्तव का विवादों से पुराना नाता है। सत्ता दल का दामन थाने वाले डा. अतुल पहले भी विवादों में रहे हैं। सपा की सरकार में नर्सिंगहोम के बाहर जाम के दौरान फायरब्रिगेड की गाड़ी से कार में टक्कर लगने के बाद जवानों पर हमला तक किया गया था। जिसे लेकर काफी देर तक हंगामा चला था। हालांकि बाद में पुलिस को ही बैकफुट पर आना पड़ा था।
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