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दुपट्टे से दोनों बहनों के एक-दूसरे के हाथ बंधे हुए, कुछ इस हाल में मिले शव

Wed, 04 Dec 2019 12:27 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
सांगीपुर इलाके में नदी में सगी बहनों का शव मिलने की घटना में पुलिस पूरी तरह लापरवाह बनी रही। सोमवार रात करीब आठ बजे उनके घरवालों ने पुलिस को तहरीर देकर दोनों बहनों को अगवा करने की जानकारी दी। इसके बाद भी पुलिस सोती रही। कार्रवाई का कोरम पूरा करने के लिए रात दस बजे अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। परिजनों की सूचना के बाद अगर पुलिस सक्रिय हुई होती तो दोनों बहनों की जान बचाई जा सकती थी। दोनों बहनों का शव मिलने के बाद जिले की पुलिस दौड़ने लगी। 

 
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मृत छात्रा अंजली। फाइल फोटो - फोटो : pratapgarh
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाषचंद्र राव की बेटी शिवांगी व अंजलि राव सोमवार को कालेज से नहीं लौटीं। जिसके बाद परिवार के लोग परेशान हो उठे। दोनों की तलाश की जाने लगी, लेकिन वह नहीं मिलीं। शाम को करीब पांच बजे पिता सुभाषचंद्र के पास लालगंज इलाके से दोनों लड़कियों ने मोबाइल दुकानदार से फोन कराया और जानकारी दी कि वह लालगंज के खालसा सादात में हैं। उस समय सुभाष के पिता चिंतामणि नगर कोतवाली में पुलिस को तहरीर दे रहे थे।
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नगर कोतवाली के चकबनतोड़ गांव में छात्राओं के घर भाई विकास से पूछताछ करते सीओ अभय पांडेय। - फोटो : pratapgarh
उन्होंने दुकानदार से दोनों को रोकने के लिए कहा। थोड़ी देर बाद फिर दुकानदार का फोन आया और उसने बताया कि दोनों लड़कियां वहां से जा चुकी हैं। तमाम प्रयास के बाद भी वह नहीं रुकीं। सुभाषचंद्र ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ दोनों बेटियों को अगवा करने का आरोप लगाया। इसके बाद भी पुलिस लापरवाही बनी रही।

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नगर कोतवाली के चकबनतोड़ गांव में छात्राओं के घर जुटी ग्रामीण महिलाएं। - फोटो : pratapgarh
रात दस बजे मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया, लेकिन लालगंज और सांगीपुर पुलिस को अलर्ट नहीं किया गया। जिस नंबर से फोन पिता के पास पहुंचा था, उसे सर्विलांस पर लगाने का दावा किया जा रहा है। यदि पुलिस उसी समय सक्रिय हुई होती तो दोनों बहनों की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस की कार्यशैली से लोगों में आक्रोश है। मंगलवार को दोनों बहनों का शव मिलने के बाद जिले की पुलिस भागदौड़ करने लगी। 
 
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शव लेकर मर्चरी पहुंचे संग्रामगढ़ थानाध्यक्ष

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नगर कोतवाली के चकबनतोड़ से लापता छात्राओं के शव के पोस्टमार्टम के दौरान जुटी भीड़। - फोटो : pratapgarh
सगी बहनों के शव नदी में मिलने के बाद हर कोई अनहोनी की आशंका जता रहा था। पुलिस भी कदम फूूंक-फूंक कर रख रही थी। सांगीपुर में दोनों बहनों का शव मिला। जिसके बाद आसपास के थानों की फोर्स बुला ली गई। पंचायतनामा भरने के बाद दोनों बहनों के शवों को लेकर संग्रामगढ़ थानाध्यक्ष मर्चरी पहुंचे। शव को भीतर रखवाने के बाद वह लौट गए।
 
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वीडियोग्राफी के बीच हुआ पोस्टमार्टम, जांच के लिए भेजी गई स्लाइड

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जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाऊस गेट पर अंदर जाने को खड़े आक्रोशित ग्रामीण। - फोटो : pratapgarh
सगी बहनों के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच डाक्टरों के पैनल ने किया। पुलिस के आशंका जताने पर डाक्टरों की टीम ने दोनों बहनों की स्लाइड तैयार की। जिसे पुलिस के हवाले करते हुए विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच कराने के लिए भेजा गया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि दोनों बहनों की मौत पानी में डूबने से हुई है। उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं। हो सकता है दोनों बहनें एक साथ मरने के लिए हाथ में दुपट्टा बांधकर नदी में कूदी हों।
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मोबाइल लगातार चल रहा बंद, काल डिटेल से खुल सकता है राज

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नगर कोतवाली के चकबनतोड़ से लापता छात्राओं के बिलखते परिजन। - फोटो : pratapgarh
अंजलि ने जिस नंबर से अपनी बुआ मंजू के मोबाइल पर फोन किया था वह नंबर लगातार बंद बता रहा है। पिता ने एक दूसरा नंबर बताया। वह भी बंद चल रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों नंबरों की काल डिटेल खंगाल रही है ताकि शहर से लालगंज तक पहुंचने की सच्चाई सामने आ सके। सुरेश के नंबर की भी काल डिटेल खंगाली जा रही है। परिवार के लोगों का कहना है कि दोनों के पास कोई मोबाइल नहीं था। ऐसे में सवाल उठता रहा कि अंजलि ने किसके मोबाइल से फोन किया था, जो बंद चल रहा है।

बुआ को फोन कर कहा, पांच मिनट में आओ, नहीं तो खो दोगी हमें 

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सांगीपुर के कुम्भापुर सई घाट पर छात्राओं के मिले शव को किनारे लगाती महिला पुलिस। - फोटो : pratapgarh
सांगीपुर इलाके में नदी में सगी बहनों के शव मिलने के मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर दोनों शहर से सांगीपुर कैसे पहुचीं। क्या उन्हें अगवा किया गया था। अगर अगवा किया गया था तो फिर लालगंज के खालसा सादात से उन्होंने मोबाइल दुकानदार से अपने पिता को फोन क्यों कराया। दूसरा बड़ा सवाल यह है कि पिता के मोबाइल पर फोन मिलवाने के बाद उन्होंने खुद क्यों नहीं बात की। दुकानदार से पिता को यह जानकारी क्यों दिलाई कि वह लालगंज के सादात खालसा में हैं। पिता के वहीं रोकने की गुहार लगाने के बाद भी दुकानदार ने उन्हें क्यों नहीं रोका।

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सांगीपुर थाने के कुम्भापुर सई घाट पर छात्राओं का शव मिलने पर बिलखता पिता। - फोटो : pratapgarh
इससे पहले उन्होंने अपनी बुआ को फोनकर कहा कि पांच मिनट में बेल्हा देवी मंदिर के पास आ जाओ, नहीं तो हमें खो दोगी। घरवाले वहां पहुंचे तो कोई नहीं मिला। बेल्हा देवी मंदिर सुल्तानपुर के रास्ते पर है जबकि सांगीपुर इसके ठीक विपरीत। यह ऐसे सवाल हैं जो दोनों बहनों की मौत को लेकर कई तरह की आशंका पैदा कर रहे हैं। पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है, लेकिन इन सवालों के जवाब उसके पास भी नहीं हैं। नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाषचंद्र राव की बेटी शिवांगी व अंजलि के गायब होने के बाद परिजन उनकी खोजबीन करते रहे।
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सांगीपुर थाने के कुम्भापुर सई घाट पर छात्राओं का शव मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एसपी अभिषेक सिंह। - फोटो : pratapgarh
करीब साढ़े तीन बजे अंजलि ने किसी अज्ञात नंबर से अपनी बुआ को फोन किया। कहा कि पांच मिनट में यदि वह बेल्हा देवी नहीं पहुंची तो दोनों को खो दोगी। यह सुनते ही बुआ मंजू ने तत्काल अपनी मां व भाई को जानकारी दी। खबर मिलते ही भागकर चाचा अरविंद, भाई विकास बेल्हा देवी मंदिर पहुंचे, लेकिन कोई नहीं मिला। करीब पांच बजे के आसपास सुभाष के मोबाइल पर लालगंज के खालसा सादात के मोबाइल दुकानदार सुरेश ने फोन पर बताया कि दोनों बहनें उनके पास आई हैं। वे घर जाना चाहती हैं। आकर दोनों को ले जाएं। यह सुनते ही चाचा लालगंज के खालसा सादात पहुंच गया। काफी खोजबीन के बाद उसे सुरेश का घर मिला। सवाल यह उठता है कि दोनों बहनें यदि साढ़े तीन बजे के बीच बेल्हा देवी पुल के पास थीं तो डेढ़ घंटे के भीतर कैसे लालगंज का रास्ता तय किया। लालगंज जाने वाले वाहन चालकों से पुलिस पूछताछ करती रही। वह दोनों के बारे में जानकारी से इनकार करते रहे। खुद चाचा अरविंद भी उनकी खोजबीन में जुटा रहा। अब पुलिस सीसीटीवी के जरिए यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे कैसे लालगंज व सांगीपुर पहुंची थीं।
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