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Kanpur Encounter: शहीद दरोगा अनूप सिंह पंचतत्व में विलीन,एसपी, सीडीओ ने पार्थिव शरीर को दिया कंधा

Sat, 04 Jul 2020 07:28 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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anoop kumar singh - फोटो : pratapgarh
कानपुर में बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद दरोगा अनूप कुमार सिंह शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पैतृक गांव मानधाता थाना क्षेत्र के बेलखरी में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बुजुर्ग पिता ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के पूर्व पार्थिव शरीर को कंधा देने के दौरान हजारों की तादाद में मौजूद ग्रामीणों के गगनभेदी नारों से बेलखरी गांव गूंज उठा। जब तक सूरज चांद रहेगा, अनूप तेरा नाम रहेगा जैसे नारे लोग लगाते रहे। इससे पहले एसपी और सीडीओ ने भी शहीद दरोगा के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। 

 
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh
मानधाता थाना क्षेत्र के बेलखरी निवासी दरोगा अनूप कुमार सिंह गुरुवार की रात कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरू में दबिश के दौरान बदमाशों की फायरिंग में शहीद हो गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर बेलखरी समेत पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ पड़ी। देर रात अनूप का पार्थिव शरीर घर पहुंचा।

जिसे देखते ही परिजन बिलखने लगे। पुलिसकर्मियों के साथ ही वहां मौजूद लोगों ने सभी को संभाला। पिता रमेश बहादुर सिंह, पत्नी नीतू सिंह, बेटी गौरी व बेटा सूर्यांश भी पिता के शव से लिपटकर रोते रहे। भाइयों का भी बुरा हाल रहा।

 
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh
शनिवार की सुबह से रिश्तेदारों का इंतजार होता रहा। करीब 12 बजे शहीद दरोगा अनूप के पाथव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अंतिम संस्कार के लिए लेकर लोग निकले।

शहीद की अर्थी को पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, सीडीओ डा. अमितपाल शर्मा, एएसपी सुरेंद्र प्रसाद, सीओ रानीगंज डा. अंजान त्रिपाठी, मानधाता थानाध्यक्ष, भाजपा नेता वरुण सिंह, कुंदन सिंह, अभिषेक पांडेय समेत परिवार के सदस्यों ने कंधा दिया। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा, अनूप तेरा नाम रहेगा। अमर रहेगा बलिदानी, अनूप तेरा यह बलिदान के नारे गूंजते रहे।

गांव में ही राजकीय सम्मान के साथ पुलिसकर्मियों ने शहीद दरोगा अनूप कुमार सिंह को अंतिम सलामी दी। पिता रमेश सिंह ने आंखों में आंसुओं के बीच चिता को मुखाग्नि दी।

 

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pratapgarh - फोटो : pratapgarh

छतों से निहार रहे लोगों की आंखों से बहते रहे आंसू

शहीद दरोगा अनूप कुमार सिंह की शहादत की खबर पर जिले के लोगों का जमावड़ा लगा रहा। सुबह से ही लोग अंतिम दर्शन करने के बाद श्रद्धांजलि देते रहे। अंतिम यात्रा के दौरान जब अर्थी को परिजनों ने कंधे पर उठाया तो वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे। परिवार के लोगों के अलावा वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। महिलाएं अपने मकान की छतों पर खड़े होकर दूर से अंतिम दर्शन करती रहीं।

 
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh

अधूरा रह गया नए मकान में परिवार के साथ समय गुजारने का सपना

सिपाही से दरोगा बनने वाले अतुल कुमार सिंह की सादगी का हर कोई कायल था। वह बचपन से ही निडर थे। दृढ़ इच्छाशक्ति वाले अनूप ने दरोगा बनने की ठान ली थी। पिता रमेश से वह अपनी योजना बताया करते थे। गांव में नया मकान बनवा रहे थे।

 
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh
परिवार के साथ नए मकान में रहने का सपना देखा था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। नए मकान की नींव ही भरी जा सकी थी। निर्माण कार्य जारी था। अनूप का सपना अधूरा रह गया। यह बात करते हुए परिवार के सदस्य बिलखते रहे।

 
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh

सलामी के दौरान अचानक हो गया फायर, हड़कंप


बेलखरी में पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह समेत अन्य पुलिस अफसरों की मौजूदगी में शनिवार दोपहर शहीद दरोगा अनूप कुमार सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी पुलिसकर्मी दे रहे थे। सलामी के दौरान अचानक एक जवान की राइफल से फायर हो गया।

 

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pratapgarh - फोटो : pratapgarh
दो जवानों की राइफल से बुलेट नीचे गिर पड़ी। अचानक हुए फायर के बाद हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद प्रतिसार निरीक्षक ने जवानों को पीछे किया। यदि फायर राइफल नीचे करते समय होतो तो बड़ी घटना घटित हो जाती। फिलहाल फायर नीचे होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
 

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pratapgarh - फोटो : pratapgarh

साथी की अंतिम विदाई के लिए प्रधान ने बनवाया रास्ता

बेलखरी के प्रधान मोहम्मद इसरार अपने साथी दरोगा अनूप कुमार सिंह की शहादत पर गमजदा थे। रात में तय हुआ कि घर से करीब पांच सौ मीटर दूरी पर बाग में अंतिम संस्कार होगा।
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pratapgarh - फोटो : pratapgarh
जिसके बाद प्रधान इसरार ने पुराने रास्ते को रातभर फिर से बनवाया। अंतिम संस्कार वाले स्थल पर साफ-सफाई कराने के बाद फर्श बनवाई। रातभर प्रधान शहीद अनूप के अंतिम संस्कार के लिए बेहतर इंतजाम में जुटे रहे।
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