जनता कर्फ्यू के चलते रविवार को रोडवेज बसें डिपो में खड़ी रहीं। इससे दिल्ली और मुंबई से आने वाले यात्री परेशान रहे। प्राइवेट बस अड्डों पर भी बसें नहीं थीं। टेंपो अड्डों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। ई-रिक्शा चालक घर से बाहर तक नहीं निकले। हर कोई जनता कर्फ्यू का पालन करते हुए दिखाई पड़ा।
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मानधाता प्राइवेट बस अड्डे पर साधन न होने से परेशान परिवार।
- फोटो : pratapgarh
देश में महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोना वायरस को हराने के लिए प्रधानमंत्री के रविवार को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू के आह्वान का लोगों ने दिल खोलकर साथ दिया। लोगों घरों से बाहर नहीं निकले। शासन के आदेश पर प्रयागराज, फैजाबाद, दिल्ली और कानपुर के साथ लखनऊ मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी।
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.रेलवे स्टेशन पर साधन न मिलने पर इंतजार में बैठीं महिलाएं।
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प्राइवेट बसें भी रोड पर नहीं निकलीं। टेंपो चालक और ई-रिक्शा भी नहीं थे। स्टेशन के आसपास एक-दो रिक्शे नजर आए। रविवार को दिल्ली और मुंबई से लौटने वाले यात्री स्टेशन से किसी तरह रोडवेज डिपो पहुंचे, लेकिन उन्हें यहां कोई बस नहीं मिली।
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मुंबई से प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची साकेत एक्सप्रेस में ठूंसकर भरे थे यात्री।
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सड़कों पर कोई साधन नहीं चल रहा था। इससे वह परेशान हुए। इससे वे पैदल ही निकल गए। शहर में जरूरी काम होने पर कुछ लोग निकले, लेकिन उन्हें भी पुलिसकर्मी समझाकर घर भेजते रहे। कुछ लोग घर से निजी साधन लेकर मुंबई और दिल्ली से आने वाले परिजनों को लेने पहुंचे। डीएम डा. रुपेश कुमार और एसपी अभिषेक सिंह ने भी रोडवेज बस स्टैंड के साथ ही प्राइवेट वाहन अड्डों का जायजा लिया।
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रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचे पद्मावत ट्रेन के यात्रियों को रोककर पूछताछ करते सीओ अभय पांडेय।