तीन कोरोना संक्रमित मिलने के बाद तीसरे दिन शहर से लेकर नरसिंहगढ़ इलाके के गांवों में 6 हजार और लोगों की जांच हुई। पुलिस की मौजूदगी में सोमवार को भी स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीणों की जांच करते हुए परिवार के सदस्यों का लेखा जोखा दर्ज करते रहे। सफाईकर्मी गांव से लेकर शहर के मोहल्लों को सैनिटाइज करते रहे।
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रेलवे स्टेशन रोड पर दवा का छिड़काव करते नगरपालिका कर्मचारी।
- फोटो : pratapgarh
कोरोना के तीन संक्रमितों के मिलने के बाद जिला प्रशासन ने शहर के कई मोहल्लों के साथ ही नरसिंहगढ़, तौकलपुर, भिखनापुर, देल्हूपुर समेत अन्य गांवों को सील कर दिया। यहां तब्लीगी जमात के संक्रमित सदस्यों के संपर्क में लोग आए थे।
सभी को क्वारंटाइन करने के बाद ग्रामीणों की जांच कराई जा रही है। शनिवार से चल रही कार्रवाई सोमवार को भी जारी रही। नरसिंहगढ़ समेत अन्य गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 45 सौ ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग की। शहर में भी 15 सौ के करीब शहरियों की जांच हुई।
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.रानीगंज के नरसिंहगढ़ में दवा का छिड़काव करते कर्मचारी।
- फोटो : pratapgarh
सभी जगह सफाईकर्मी मोहल्लों व पुरवों को सैनिटाइज करते रहे। आंशिक कर्फ्यू के चलते किसी को भी गांव में आने नहीं दिया जा रहा था। सभी रास्तों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा। बाहरी लोगों को बैरियर पर ही रोक दिया जाता रहा। शहर में यह व्यवस्था सोमवार को फेल दिखी।
नगर पालिका की टीम स्टेशन रोड, तहसील वार्ड की सड़कों गलियों के साथ ही मकानों को सैनिटाइज करती रही। नगर पालिका ईओ मुदित सिंह मातहतों के साथ बराबर उन मोहल्लों के बारे में जानकारी लेते रहे।
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चौक की श्यामबिहारी गली में कोरोना से निपटने को मोहल्ले की सफाई करते लोग।
- फोटो : pratapgarh
जागे शहरी, खुद मोहल्ले को किया सैनिटाइज
शहर की श्यामबिहारी गली में रहने वाले लोग सोमवार को खुद आगे आए। नागरिकों ने एक दूसरे के सहयोग से नालियों की साफ-सफाई के साथ ही सड़कों व मोहल्लों में फिनायल डालकर और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर मोहल्ले को सैनिटाइज किया। करीब एक घंटे की मेहनत के दौरान हर कोई सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखे हुए दिखा।
रानीगंज के नरसिंहगढ़ में पुलिस के साथ जांच करते स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : pratapgarh
रुमाल बांधकर सफाईकर्मी दवा का कर रहे छिड़काव
नरसिंहगढ़ समेत आसपास के गांवों में दवाओं का छिड़काव करने वाले सफाईकर्मी मुंह में रुमाल बांधे हुए हैं। उन्हें न तो विभाग की ओर से हाथों में पहनने के लिए दस्ताने दिया गया और न ही मॉस्क। यहां तक कि सैनिटराइजर की व्यवस्था भी नहीं की गई है। कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव करने वाले लोग खुद अपनी जान जोखिम में डाल रखे हैं।