फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीलीभीत में बाढ़ से बिगड़े हालात: 30 से अधिक गांव चपेट में... हाईवे डूबे; ट्रैक्टर से पुलिस लाइन पहुंचे एसपी

Thu, 04 Sep 2025 07:18 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत जिले में बारिश के बाद अब बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। हर तरफ बाढ़ का पानी ही दिखाई दे रहा है। 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मुख्य मार्गों पर पानी आने से आवागमन भी बाधित हो गया है। 
विज्ञापन
1 of 8
ट्रैक्टर पर सवार होकर पुलिस लाइन पहुंचे एसपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारिश और बैराज से रिलीज पानी से उफनाई पीलीभीत जिले की नदियों का कहर जारी है। सदर, बीसलपुर, कलीनगर, अमरिया और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांव जलभराव की चपेट में हैं। हालांकि गांवों में भरा पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन मुश्किलें अभी बरकरार हैं। शहर से गुजरे टनकपुर हाईवे, पीलीभीत-बीसलपुर और बीसलपुर-बरेली मार्ग पर दो फुट तक पानी बह रहा है। बरखेड़ा क्षेत्र में कुछ कच्चे मकान भी गिरे हैं। बृहस्पतिवार सुबह बीसलपुर के कुछ मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। 

मंगलवार से भले ही जिले में बारिश थमी है, लेकिन मुश्किलें अभी कम नहीं हुईं। शहर में सरकारी कार्यालयों और कुछ मोहल्लों में जलभराव बना हुआ है। कई गांव अभी शारदा की चपेट में है। बुधवार को पीलीभीत–टनकपुर हाईवे पर कचहरी से पूरे दिन पानी तेज गति से सड़क पर बहता रहा। कई बाइक चालकों की बाइक बीच पानी में रुक गई। सबसे अधिक समस्या कलक्ट्रेट और अफसर कॉलोनी मार्ग से गुजरे बाइक सवारों को हुई। बाइक सवार जोखिम के बीच आवागमन करते दिखे। 
विज्ञापन

2 of 8
शहर में सड़क पर बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद
राहगीरों की सुरक्षा के लिए पुलिस और यातायात पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। पुलिस चौकी भी जलमग्न है। बनकटी मार्ग पर भी लोग पानी से होकर गुजरते दिखे। वहीं गोदावरी स्टेट कालोनी में पानी भरा हुआ है। जल निगम के कार्यालय परिसर में भरे पानी को पंपिंग सेट लगाकर निकाला गया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न है। ऑफिसर्स कालोनी में करीब चार फुट पानी भरा है। अफसर, आवासों को छोड़कर होटलों में रह रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 8
ट्रैक्टर पर सवार होकर पुलिस लाइन पहुंचे एसपी - फोटो : संवाद
ट्रैक्टर से पुलिस लाइन पहुंचे एसपी, परिसर का किया निरीक्षण 
जलभराव के बीच पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव बुधवार को ट्रैक्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। परिसर में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर आरटीसी बैरक, जी+8 टावर, मैस, पुलिस अस्पताल परिसर, बैडमिंटन कोर्ट और पुलिस कार्यालयों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 

4 of 8
बीसलपुर पीलीभीत मार्ग पर बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद
पीलीभीत-बीसलपुर व बरेली मार्ग पानी का तेज बहाव
पीलीभीत-बीसलपुर और बीसलपुर-बरेली मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंचने से आवागमन बाधित हो गया है। रोडवेज बसें इन दोनों मार्गों के यात्रियों का सहारा बनीं हुई हैं। बाढ़ के पानी से गुजरने में सबसे अधिक दिक्कत बाइक चालकों को हुई। सुरक्षा के लिहाज से दोनों जगहों पर पुलिस तैनात की गई है।
 
विज्ञापन

5 of 8
गांव चिनोरा मुस्तकिल में खपरैल गिरी - फोटो : संवाद
चिनोरा मुस्तकिल में गिरे कच्चे घर, गाजीपुर कुंडा गांव बना टापू
बारिश से बरखेड़ा क्षेत्र के गांव चिनोरा मुस्तकिल में दो ग्रामीणों के खपरैल पोश मकान गिर गए। पंचायत सहायक सत्यप्रकाश ने फोन पर बताया कि गांव में गोकरनलाल व वीरपाल के खपरैलनुमा मकान बाढ़ के पानी घुसने से गिर गए हैं। देवहा नदी, अमेड़ी नदी होने के चलते क्षेत्र में फसलों का नुकसान भी अधिक हुआ है। इससे किसान परेशान है। गांव गाजीपुर कुंडा को देवहा नदी ने चारों ओर से घेर लिया है। रामनगर गांव में बरसाती पानी का निकास न होने में कारण उच्च प्राथमिक विद्यालय सहित पूरे गांव में जलभराव हो गया हैं। इसके अलावा बरखेड़ा कस्बे के निचले इलाकों में पानी घुसने से लोग छतों पर रहने को मजबूर है।
विज्ञापन

6 of 8
राहुलनगर के घरों में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद
हजारा शास्त्रीनगर में लोगों के घरों से निकला पानी
वनबसा बैराज से शारदा नदी में मंगलवार रात आठ बजे दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज किया गया। इससे बाढ़ के डर से लोगों की नींद उड़ गई। बुधवार सुबह पांच बजे से जलस्तर कम होने पर लोगों ने राहत कि सांस ली। पूरनपुर क्षेत्र के गांव हजारा, शास्त्रीनगर के लोगों के घरों में भरा पानी भी निकल गया। पानी निकलने के बाद लोग घरों में हुई बरसाती कीचड़ से परेशान रहे।

 
विज्ञापन

7 of 8
एडीएम रितु पुनिया ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा - फोटो : संवाद
बाढ़ प्रभावितों की मदद में जुटा प्रशासन
गांवों में जलभराव की स्थिति से प्रशासन अलर्ट हुआ है। प्रभावित गांवों में लंच पैकेट और राहत सामग्री वितरित की जा रही है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बुधवार को सदर तहसील के चंदोई गांव में बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट वितरित की। ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जनपद में 62 स्थायी/अस्थायी गोशालाएं हैं। इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। दो गोशालाओं में पानी भरने की सूचना प्राप्त हुई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने बुधवार को बीसलपुर क्षेत्र के प्रभावित पांच गांवों में पहुंचकर पीड़ितों को लंच पैकेट बांटे। अन्य तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदार ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की।
विज्ञापन

8 of 8
कटान करती देवहा नदी - फोटो : संवाद
आंकड़ों में प्रभावित गांव और राहत सामग्री
- 33 गांव प्रभावित हैं जिले की सभी तहसीलों के।
- 08 गांव सदर तहसील क्षेत्र के प्रभावित हैं।
- 2000 खाद्यान्न राहत किट बांटी गई सदर व कलीनगर क्षेत्र में।
- 17339 लंच पैकेट बांटे गए प्रभावित गांवों में।
- 03 शिफ्टों में लगाई गई है अफसरों की ड्यूटी।
- 34 बाढ़ राहत शरणालय संचालित हो रहे हैं।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें