पीलीभीत जिले में भारी बारिश आफत बन गई। सोमवार रात से तेज बारिश शुरू हुई, जो मंगलवार सुबह तक होती रही। इससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। स्कूलों में पानी भर गया। शारदा और देवहा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। वहीं बारिश के दौरान पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हो गई है।
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खकरा नदी में उफान आने से रपटा पुल डूबा
- फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत जिले में मंगलवार को तेज बारिश से जनजीवन बेहाल हो गया। बारिश के साथ तेज हवा के कारण जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। बरखेड़ा क्षेत्र में बारिश के दौरान पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आए 62 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। उधर, शहर से सटी देवहा नदी के साथ ही शारदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा। शारदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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मुन्ना लाल का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव के पास मंगलवार सुबह करीब आठ बजे दर्दनाक हादसा हुआ। बरखेड़ा-गजरौला मार्ग के किनारे खड़ा शीशम का पेड़ अचानक गिर गया। गांव निवासी 62 वर्षीय मुन्ना लाल पेड़ के नीचे दब गए। वह खेत से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पेड़ हटाकर मुन्ना लाल को बाहर निकाला। एंबुलेंस से उन्हें सीएचसी बरखेड़ा ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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अस्पताल में मृतक के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों के मुताबिक, पूरी रात हुई बारिश से पेड़ की जड़ के आसपास की मिट्टी बह गई थी। इससे पेड़ कमजोर हो गया और सुबह अचानक गिर पड़ा। मुन्ना लाल की मौत से पत्नी इंद्रवती समेत परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के बड़े बेटे हरिओम की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है।
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हाईवे पर गिरा पड़े
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाईवे पर पेड़ गिरने से थमी वाहनों की रफ्तार
तेज बारिश और हवा के चलते जिले में कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। टनकपुर हाईवे पर भी सोमवार रात पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सड़क पर पेड़ गिरने के कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना के बाद संबंधित टीमों ने पेड़ हटाकर यातायात बहाल कराया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर पेड़ और डालियां गिरने से रास्ते प्रभावित हुए।
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न्यूरिया-रामपुर बौरख मार्ग हुआ जलमग्न
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देवहा और शारदा का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ का खतरा
लगातार बारिश का असर जिले की नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। शहर से सटी देवहा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं शारदा नदी में भी पानी बढ़ने से नदी किनारे के गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश इसी तरह जारी रही तो नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। वहीं, खकरा नदी में उफान आने से न्यूरिया-रामपुर बौरख मार्ग का रपटा पुल डूब गया। यह मार्ग भी जलमग्न हो गया।
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स्कूल में भरा पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहर के निचले इलाकों में जलभराव
तेज बारिश से शहर के कई मोहल्लों और निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों और गलियों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह वाहन पानी के बीच से गुजरते नजर आए। लगातार बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित दिखाई दी।
फॉल्ट के चलते कई इलाकों में बिजली संकट
बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। तेज हवा और बारिश के बीच कई स्थानों पर बिजली के तारों और लाइनों में फॉल्ट आने से आपूर्ति प्रभावित हुई। कुछ इलाकों में बिजली आने-जाने का सिलसिला चलता रहा, जबकि कई जगह लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण बिजली विभाग की टीमें भी फॉल्ट तलाशने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।
पानी से घिरा निर्माणाधीन धर्मस्थल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगातार बारिश, बढ़ते नदी जलस्तर, जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से जिले में बारिश आफत बनती नजर आ रही है। प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने नदी किनारे के इलाकों पर नजर रखने के साथ जलभराव और बिजली संबंधी समस्याओं से निपटने की चुनौती बढ़ गई है।