पीलीभीत के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। कई जोड़ों को करीब एक घंटे तक लाइन में लगकर सामान का बैग मिला। किसी बैग में दूल्हे की पगड़ी नहीं थी तो किसी में दुल्हन की साड़ी गायब थी।
पीलीभीत के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1408 जोड़ों की शादी कराई गई। इनमें करीब 50 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्थाएं भी हावी रहीं। कई जोड़ों को करीब एक घंटे तक लाइन में लगकर सामान का बैग मिला। जिसमें दूल्हे की पगड़ी और दुल्हन की साड़ी गायब थी। कई हिंदू जोड़ों को मुस्लिम जोड़ों के सामान का बैग थमा दिया गया। मनुहार के बाद भी इसे बदला नहीं गया। खाने के पंडाल में दूल्हा-दुल्हन खाली प्लेट लेकर इधर से उधर भटकते दिखे। किसी को पूड़ी मिली, तो किसी ने सब्जी चावल से ही काम चलाया।
बिलसंडा ब्लॉक के काउंटर पर सामान का बैग लेकर खड़े अरविंद ने बताया कि बैग में साड़ी और पगड़ी नहीं है। काफी मनुहार के बाद कर्मचारी ने दूसरा बैग दिया। उसमें भी पगड़ी नहीं थी। रंजीत के बैग में भी पगड़ी नहीं निकली। दो बार बदलने के बाद पगड़ी मिली।
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सामूहिक विवाह समारोह
- फोटो : अमर उजाला
बीसलपुर ब्लॉक क्षेत्र से आए हरिओम ने बताया कि बहन की शादी है। बैग में पूरा सामान नहीं मिला। रबीना और सज्जादा को हिंदू जोड़े के सामान का बैग थमा दिया गया। शबनम और राशिद को भी हिंदू जोड़े का बैग थमाया गया। इसी तरह कई हिंदू जोड़ों को मुस्लिम जोड़े का बैग थमा दिया गया।
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सामूहिक विवाह समारोह
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हाथ में खाली प्लेट लेकर भटकते रहे दूल्हा-दुल्हन
जिन जोड़ों के नाम पर इतना बड़ा आयोजन हुआ, वे अव्यवस्थाओं से जूझते दिखे। आधे जोड़ों की शादी रस्में पूरी हुईं तो वर-वधू और परिजन खाने के पंडाल में पहुंच गए। लोगों की भीड़ पहुंचते ही इंतजाम और प्रशासन के दावे फेल हो गए। किसी को चावल मिले तो किसी ने पूड़ी सब्जी से ही काम चलाया। दूल्हा-दुल्हन जमीन पर बैठकर खाना खाते दिखे। पूड़ी और सब्जी के लिए धक्का-मुक्की होती रही।
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सामूहिक विवाह समारोह
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रिफाइंड की खाली पन्नी में भरा पानी, बुझाई प्यास
पेयजल की व्यवस्था के नाम पर खाने के पंडाल के पीछे थोड़ी दूरी पर नगरपालिका के दो टैंकर खड़े कराए गए थे। वर-वधू और परिजन इसी टैंकर की टोंटी से प्यास बुझाते दिखे। कुछ परिजनों ने पन्नी में पानी भरा और ले जाकर साथियों को दिया। कुछ ने खाने के पंडाल के पास पड़ी रिफाइंड की खाली पन्नी में पानी भरकर साथियों की प्यास बुझाई।
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टोकन न देख धक्का देकर किया लाइन से बाहर
बैग के साथ ही जोड़ों को खाने के टोकन दिए गए। पंडाल के बाहर एक कर्मचारी को बैठाया गया। जिनके हाथ में टोकन नजर नहीं आया, कर्मचारी ने उन्हें धक्का देकर लाइन से बाहर किया। महिलाओं और लड़कियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार दिखा। हालांकि बाद में दूसरे साथी ने टोकन दिखाया तो अंदर जाने दिया गया।
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जोड़े को बिछिया और अन्य सामान नहीं मिला
पंडाल में खड़े विपिन के परिजनों ने बताया कि जोड़े को बिछिया और अन्य सामान नहीं मिला, जबकि अन्य सेक्टर में यह सामग्री बंट चुकी है। कई अन्य जोंड़ों ने भी बिछिया न मिलने की शिकायत की। हालांकि बाद में सेक्टर दो के बाहर दो कर्मचारी बिछिया व अन्य सामग्री वितरित करते दिखे। यहां भी वर-वधू की लंबी लाइन थी।
वीआईपी पंडाल में भोजन की दिव्य व्यवस्था
मंच के पीछे ही जनप्रतिनिधियों और अफसरों के लिए वीआईवी पंडाल लगाया गया। यहां पर खाने की व्यवस्था काफी अच्छी थी। अफसर बोतलों के पानी से प्यास बुझा रहे थे। बैठने की व्यवस्था भी की गई थी। मगर जिनके लिए आयोजन था, उनकी व्यवस्थाओं से सभी बेपरवाह दिखे।