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पीलीभीत: हत्या के केस में पड़ोसी को फंसाने के लिए बेटी को मार डाला, पिता सहित पांच लोगों को उम्रकैद

Tue, 25 Aug 2026 10:56 AM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत जिले में मासूम बेटी की हत्या करने वाले पिता-दादा समेत पांच लोगों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें मृतका के पिता को अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इन पांचों ने पड़ोसी को फंसाने के लिए अपनी मासूम बेटी को मारा डाला था। जानिए दिल दहला देने वाला पूरा घटनाक्रम... 
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मासूम बेटी के हत्यारे - फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में पड़ोसी को हत्या के मामले में फंसाने की साजिश में नौ वर्षीय बेटी अनम की हत्या करने वाले पिता अनीस को अदालत ने अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि अनीस के तीन भाइयों शादाब, नसीम व सलीम और  पिता शहजादे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय विजय कुमार हिमांशु ने मामले को जघन्यतम मानते हुए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अनीस को जीवित रहते जेल से रिहा न किया जाए। सभी दोषियों पर 1,10,000 रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।

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इन्हीं पांचों दोषियों को हुई उम्रकैद की सजा। (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पड़ोसी शकील ने अनीस और उसके भाई शादाब के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। शकील केस वापस नहीं ले रहा था। इस मामले में कोर्ट से वारंट भी जारी हो गया था। दो दिसंबर 2022 को सरेन्दा पट्टी में लगे उर्स मेले के दौरान अनीस ने अपने पिता और तीन भाइयों के साथ मिलकर शकील को हत्या के झूठे केस में फंसाने की साजिश रची।
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अनम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चाकू से फाड़ा था पेट 
ये लोग मासूम अनम को मेले से पास के खेत में ले गए और वहां नींद की गोली खिला दी। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद अनीस ने उसके सिर पर ईंट से वार किया। फिर अनम के हाथ-पैर पकड़े गए और चाकू से गोदकर पेट फाड़कर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के तुरंत बाद पिता ने खुद ही विरोधी शकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। 

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घटना के बाद की तस्वीर (फाइल) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वीडियो बनाने से संदेह के घेरे में आए थे आरोपी
पुलिस जांच में बताया गया कि वारदात के अगले दिन अनम की तलाश का ढोंग करते हुए चाचा नसीम घटनास्थल पर पहुंचा। वहां से इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बजाय वह वीडियो बनाने लगा। लहूलुहान अनम का वीडियो बनाने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने परिजनों को संदेह के दायरे में लिया। पुलिस ने तत्काल चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। खून से सनी एक पैंट भी बरामद की। सख्ती से पूछताछ के बाद पिता सहित पांचों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। 
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कोर्ट ने माना जघन्य अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने कहा- जघन्य अपराध, क्षमा योग्य नहीं
अदालत ने मामले की परिस्थितियों को गंभीर और जघन्य मानते हुए कहा कि मासूम बच्ची को नींद की गोली देकर अचेत करना, उसके बाद ईंट और चाकू से हत्या करना और शव को छिपाकर जांच को गुमराह करना अत्यंत गंभीर अपराध है। यह क्षमा योग्य नहीं है।
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जनपद न्यायालय का गेट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन धाराओं में सुनाई कारावास और जुर्माने की सजा
अनीस, शादाब, नसीम, सलीम और शहजादे को हत्या की धारा 302, सुबूत छिपाने की धारा 201 और साजिश रचने की धारा 120बी में सजा सुनाई गई। धारा 302 और 120बी में आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसके अलावा धारा 201 में सभी को पांच-पांच वर्ष के कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
 
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अमरिया थाना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शकील को फंसाने की कहानी हुई बेनकाब
मामले में शुरुआत में शकील के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। आरोपियों की ओर से उसे घटना में फंसाने की कोशिश की गई थी, लेकिन विवेचना के दौरान पुलिस को उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद सकील का नाम आरोपपत्र से हटा दिया गया। पुलिस ने जांच के बाद अनीस, शादाब, नसीम, सलीम और शहजादे के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने पांचों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश की धाराओं में आरोप तय किए। 
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