गोमुख से जल लाते दिव्यांग पवन।
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पवन कुमार बताते हैं कि वह 14 साल से कांवड़ ला रहे हैं। दो साल तक कोरोना काल में कांवड़ यात्रा नहीं हुई थी, लेकिन अब जैसे ही शुरू हुई तो वह फिर गोमुख पहुंच गए। वे जल लेकर वहीं से आ रहे हैं। वह कहते हैं कि आदमी को परिस्थितियों से कभी हारना नहीं चाहिए। देश के लिए कांवड़ लाया हूं।