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Muzaffarnagar: जब तक सूरज चांद रहेगा..., शहीद लोकेश की अंतिम यात्रा में लगे भारत मां के नारे, देखें तस्वीरें

Sun, 25 Dec 2022 01:08 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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शहीद जवान लोकेश के घर पहुंचे संजीव बालियान - फोटो : अमर उजाला
सिक्किम हादसे में शहीद हुए युसूफपुर के लाल सेना नायक लोकेश सहरावत का रविवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। शहीद हुए सेना के नायक लोकेश सहरावत की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग गांव पहुंच गए। इस दौरान हर आंख नम हो गई। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। शहीद की अंतिम यात्रा पर जगह-जगह फूल बरसाए गए। ग्रामीणों ने पूरी यात्रा के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम और जब तक सूरज चांद रहेगा, लोकेश तेरा नाम रहेगा का जयघोष किया। इससे पहले ग्रामीण सुबह ही मुजफ्फरनगर बाईपास पर पहुंच गए थे। जहां से अंतिम यात्रा गांव के लिए शुरू हुई। जगह-जगह फूल बरसाए गए। गांव की निजी जमीन पर अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस भी गांव में मौजूद रही। आगे तस्वीरों में देखें शहीद की अंतिम यात्रा।
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शहीद जवान लोकेश - फोटो : अमर उजाला
लोकेश 2013 में जबलपुर से 25 ग्रेनेडियर (सेना) में भर्ती हुए था। वह एक माह की छुट्टी पूरी कर दस दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। लोकेश किसान उदयवीर के इकलौता बेटे थे, जिसकी शहादत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नायक लोकेश की लगभग ढाई वर्ष पूर्व तनु के साथ शादी हुई थी। मां कुसुम सहित पूरे परिवार का रोते-रोते बुरा हाल हा रहा है।
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शहीद - फोटो : Amar ujala
गुरुवार रात को ही लोकेश कुमार की शहादत का समाचार गांव पहुंचा था। बेटे की शहादत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शुक्रवार को दिनभर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। सैकड़ों लोग शहीद के घर सांत्वना देने पहुंचे। रविवार सुबह तक शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा। जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास पर ले जाया गया। गांव की ही निजी भूमि में शहीद का सैनिक सम्मान के साथ गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया।

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शहीद जवान लोकेश की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
लोकेश कुमार के पिता ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही गुरुवार को उनकी फोन पर बात हुई थी। बताया कि सिक्किम ड्यूटी पर जा रहे हैं शुक्रवार तक लौट आएंगे। लेकिन कौन जाता था कि वह वहां से लौटेंगे लेकिन तिरंगे में लिपटकर लौटेंगे।
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शहीद जवान लोकेश की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
ढाई साल पहले शादी, कोई संतान नहीं
सेना नायक लोकेश की लगभग ढाई वर्ष पूर्व तनु के साथ शादी हुई थी। उनके कोई संतान भी नहीं है। बड़ी बेटी रश्मि शादीशुदा है। मां कुसुम सहित पूरे परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
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शहीद जवान लोकेश के घर पहुंचे संजीव बालियान - फोटो : अमर उजाला
गम में डूबे साथी, पिता की आंख से नहीं थम रहे आंसू
शहीद लोकेश के निकट के साथी अनुज, अवतार, अंकित, विनीत, अनिल सहित प्रधान राजेंद्र सिंह, ताऊ अशोक कुमार, सुभाष चंद, चाचा सतीश सहरावत, कवि विभोर कुमार का कहना है कि लोकेश खेल ही नहीं खेती में भी निपुण थे।
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शहीद जवान की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी थे राकेश
लोकेश नेशनल स्तर के वॉलीबाल खिलाड़ी थे। बेहतर खेल के कारण ही वो सेना में भर्ती हुए थे। तीन वर्षों से टीम में नहीं खेल रहे थे। जब भी वह छुट्टी आते थे तो पिता उदयवीर को ज्यादा मेहनत ना करनी पडे़, इसलिए खुद ही खेती बाड़ी के कार्य में लग जाते थे।
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शहीद जवान लोकेश के घर पहुंचे संजीव बालियान - फोटो : अमर उजाला
युसूफपुर के लाल सेना नायक लोकेश सहरावत की शहादत के बाद गांव में लोगों की आवाजाही लगी है। हर लम्हा शहीद की यादों और बातों में गुजर रहा है। रविवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। दोपहर बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने भी शहीद के आवास पर पहुंचकर बेटे की शहदत पर दुख जताया है।
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