फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: किसान दिवस पर आमने-सामने आए BKU टिकैत और भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी, बैठक में जमकर हंगामा, तस्वीरें

Wed, 19 Oct 2022 09:07 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
1 of 7
किसान दिवस पर आमने-सामने आए BKU टिकैत और भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी - फोटो : amar ujala
किसान दिवस में भाकियू टिकैत और भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ। डीएम चंद्रभूषण सिंह और सीडीओ संदीप भागिया बैठक छोड़कर चले गए। इसके बाद भाकियू के पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय पर धरना दिया और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया।

बुधवार को जिला पंचायत सभागार में डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस विवाद की भेंट चढ़ गया। भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने काफी देर तक किसानों की समस्याएं रखीं। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि दूसरे संगठन को जितना समय प्रशासन ने दिया है, हमें भी उतना ही समय दिया जाना चाहिए। इस पर दोनों पक्षों के बहस हो गई। नोकझोंक होने के बाद दोनों संगठन के पदाधिकारी आमने-सामने आ गए।
विज्ञापन

2 of 7
बैठक में आमने-सामने आए पदाधिकारी। - फोटो : amar ujala
मामला बढ़ने पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह किसानों के बीच पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत किया। इसी दौरान डीएम और सीडीओ किसान बैठक छोड़कर चले गए। डीएम के जाते ही भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी और अन्य किसान भी चल दिए। इस पर भाकियू टिकैत ने हंगामा किया। सभा कक्ष के बाहर भी दोनों पक्षों में बहस हुई। 
विज्ञापन

3 of 7
आमने-सामने आए पदाधिकारी। - फोटो : amar ujala
भाकियू टिकैत के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि किसान बैठक में उनकी समस्या नहीं सुनी गई है। डीएम और सीडीओ को वापस आकर किसानों की समस्या सुननी चाहिए। दोबारा से एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह किसानों के बीच पहुंचे और जिला पंचायत में दोबारा से किसान बैठक शुरू हुई। भाकियू टिकैत ने कहा कि जब तक डीएम नहीं पहुंचेंगे, वह किसान बैठक से जाने वाले नहीं है। जरूरत पड़ी तो धरना दिया जाएगा।

4 of 7
किसान दिवस पर बैठक। - फोटो : amar ujala
धर्मेंद्र मलिक को दो घंटे दिए, हमारी भी सुनो
भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान बैठक में भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक को दो घंटे का समय दिया है। उन्होंने जिस तरह अपनी बात रखी, उसी तरह का समय हमें भी दिया जाना चाहिए। प्रशासन का यह दोहरा रवैया है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले धर्मेंद्र मलिक संगठन के पदाधिकारियों के साथ पहुंचे। उनके प्रवेश पर कार्यकर्ता खड़े हो गए। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, मंडल युवा अध्यक्ष विकास शर्मा, मंडल अध्यक्ष नवीन राठी, देव अहलावत, अंकुश, नीटू ने यह कहकर हंगामा कर दिया कि जब दो घंटे एक ही संगठन के एक पदाधिकारी को दे दिए तो हमें कितना समय मिलेगा। उन्हें भी पूरा समय दिया जाए।
विज्ञापन

5 of 7
किसान दिवस पर बैठक। - फोटो : amar ujala
एकाधिकारी नहीं चलने दंगे : अंकित चौधरी
भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी ने कहा कि किसानों के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। एकाधिकार नहीं चलने दिया जाएगा। हमारा संगठन किसानों की सच्ची लड़ाई लड़ रहा है।

इस तरह चलता रहा घटनाक्रम
- जिला पंचायत सभागार में किसान समाधान दिवस दिन में साढे़ बारह बजे शुरू हुआ
- सीडीओ की मौजूदगी में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं
- लगभग पौने दो बजे डीएम सीबी सिंह भी बैठक में पहुंचे
विज्ञापन

6 of 7
किसानों की बैठक में हंगामा। - फोटो : amar ujala
इन मुद्दों को उठाया
बैठक में धान किसानों को बीमा की राशि देने, कृषि यंत्रों को नियम से वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में आने वाली समस्याओं को दूर करने के मुद्दे उठाए। एक के बाद एक मुद्दे उठते रहे और अफसर जवाब देते रहे। 

ये अफसर रहे मौजूद
किसान समाधान दिवस में उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार, एलडीएम राजेश तोमर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
किसान दिवस पदाधिकारियों में टकराव। - फोटो : amar ujala
सरकारी योजनाओं की जानकारी दें
बैठक में किसानों ने मांग उठाई कि किसानों से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी किसान समाधान दिवस में दी जाए। इस पर सीडीओ ने आगे से इस पर अमल की बात कही।

धान के मात्र 235 किसानों ने कराया बीमा
भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता के सवाल पर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में दस हजार हेक्टेयर भूमि में धान हुआ, इसमें केवल 235 किसानों ने ही बीमा कराया। अभी किसी किसान को बीमे का पैसा नहीं मिला है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें