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यूपी में महिला जज के पिता का मर्डर: 10 लाख दे वरना मार दूंगा, 22 दिसंबर 2025 को धमकी, अब कारोबारी की हत्या

Sat, 28 Feb 2026 03:10 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद के नागफनी थाने के बंगला गांव चौराहे पर शुक्रवार की शाम करीब सवा सात बजे बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात आसमा सुल्ताना के पिता और शहर की मशहूर अलवीना बेकरी के संचालक मो. असद (62) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड को मो. असद के हिस्ट्रीशीटर साले जफर ने अंजाम दिया है।
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Asad murder case Moradabad - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुरादाबाद में हिस्ट्रीशीटर साले जफर हुसैन के धमकी देने के दो माह बाद ही न्यायिक अधिकारी के पिता एवं बेकरी संचालक मो. असद की हत्या कर दी गई। पुलिस न तो कारोबारी की जान बचा सकी और न ही धमकी देने वाले हिस्ट्रीशीटर पर शिकंजा कस पाई। जिसका नतीजा है यह रहा कि शुक्रवार सरेशाम हिस्ट्रीशीटर ने शहर में अपने ही बहनोई असद की गोली मारकर हत्या कर दी। 

सिविल लाइंस के जिगर कॉलोनी निवासी मो.असद की तहरीर पर 13 जनवरी 2026 को मझोला थाने में नागफनी के डहरिया मोहल्ला निवासी जफर हुसैन, उसके बेटे सैफुल जफर और अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि 22 दिसंबर की रात करीब 11.15 बजे वह अपने परिवार के साथ मानसरोवर होटल पैराडाइज से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी कार के आगे अपनी थार लगाकर रोक लिया था।
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मुरादाबाद में मो. असद की गोलीमार हत्या - फोटो : संवाद
आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा था कि जिंदगी और कारोबार बचाना है तो दस लाख रुपये की रंगदारी देनी होगी। उन्होंने कारोबारी के सामने यह भी शर्त रखी थी कि अगर एक बार में दस लाख रुपये नहीं दे सकते हैं तो हर माह एक लाख रुपये की व्यवस्था करें। रकम न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। 
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घटना की जांच करती मुरादाबाद पुलिस - फोटो : संवाद
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट तो दर्ज की थी लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जिसका नतीजा है कि आरोपी ने कारोबारी की हत्या कर दी। अगर पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाई होती तो शायद कारोबारी की जान बचाई जा सकती थी।

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घटना के बाद अस्पताल में माैजूद लोग - फोटो : संवाद
अगर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया होता तो बच जाती कारोबारी की जान
बेकरी कारोबारी से 22 दिसंबर (2025) की रात रंगदारी मांगी गई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसकी शिकायत मझोला थाने में की थी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इसके बाद कारोबारी एसएसपी सतपाल अंतिल से मिले और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की थी।
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हत्याकांड के बाद माैके पर माैजूद लोग - फोटो : संवाद
एसएसपी के आदेश पर मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। 22 दिसंबर की घटना में 13 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी नहीं किया। इस पूरे मामले में पुलिस की भी बड़ी लापरवाही रही है। कारोबारी बार बार कह रहा था कि उसकी जान को खतरा है।
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घटना की बाद जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
मानसरोवर कालोनी के गेट पर भी उसे रोककर धमकाया गया था। लेकिन लापरवाही देखिए कि 22 दिसंबर को धमकी मिली थी और रिपोर्ट काफी दिन बाद दर्ज की गई। इतना ही नहीं रिपोर्ट होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करना भी उचित नहीं समझा। यह भी हो  सकता है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश ही नहीं दी गई हो।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद
परिवार वाले भी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया था। अगर गंभीरता से लेकर आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया होता तो बेकरी संचालक आज जीवित होते। पुलिस यह भी कर सकती थी कि लगातार मिलती धमकियों को देखकर सुरक्षा भी दे सकती थी।

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जांच करती एएसपी रणविजय सिंह - फोटो : संवाद
भीड़ नहीं जुटी होती तो जा सकती थी एक और जान
सरेशाम बहनोई की हत्या करने वाले आरोपी जफर हुसैन का अपने भाई मुजाहिद से विवाद चल रहा था। संपत्ति विवाद का यह मामला थाने तक पहुंचा था। नागफनी के डहरिया निवासी मुजाहिद हुसैन का एक मकान आशियाना कॉलोनी में है। उन्होंने इस मकान की वसीयत 2004 में अपने भाई मो. जफर के नाम कर दी थी लेकिन 2022 में वसीयत तुड़वा दी थी। इसके बाद से दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था।

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मुरादाबाद में मो. असद की गोलीमार हत्या - फोटो : संवाद
2023 में मुजाहिद ने इस मकान को लाल मस्जिद के पास रहने वाले जुल्फेकार को बेच दिया था। इस मामले की शिकायत सिविल लाइंस थाने में पहुंची थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। दोनों भाइयों के बीच कई बार विवाद हुआ था। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि जफर हुसैन अपने भाई को भी निशाना बना सकता था।

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मो. असद - फोटो : संवाद
मुजाहिद हुसैन और बेकरी कारोबारी मो. असद के बीच संबंध अच्छे थे। इस बात को लेकर भी जफर अपने भाई से जलता था। शुक्रवार की शाम इफ्तारी के बाद साले बहनोई तरावीह पढ़ने के लिए घर से निकले तो जफर उनके पीछे चला गया था। मो. असद के बाद जफर दूसरा फायर करता तब तक भीड़ जुट गई और वह भाग गया।

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मुरादाबाद में कारोबारी की हत्या - फोटो : संवाद
वारदात के बाद स्टेशन की ओर भागे आरोपी
बंगला गांव चौराहे के पास गोली मारकर हत्या करने के बाद बाइक सवार आरोपी सीधे भाग निकले। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल तो रेलवे स्टेशन की ओर भागे नजर आए हैं। ट्रेन में बैठने की आशंका जताई गई। इसके बाद पुलिस की टीम रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। लेकिन टीम को सफलता नहीं लग पाई है।
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मुरादाबाद जज के पिता की गोलीामार हत्या - फोटो : संवाद
हत्या के बाद मच गई भगदड़ 
बंगला गांव चौराहे पर शुक्रवार की शाम जहां हत्या की गई है वहां भीड़ भाड़ थी और दुकानों पर लोग मौजूद थे। इसी बीच फायरिंग की आवाज सुनी तो भगदड़ मच गई। आनन-फानन दुकानदारों ने दुकानों के शटर गिरा कर वहां से निकल गए।

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